थानाभवन। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में दलित समाज के लोगों ने धर्म परिवर्तन की चेतावनी के साथ मौन धरना प्रदर्शन किया। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा के हस्तक्षेप से पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर 16 अप्रैल को शोभायात्रा निकालने की अनुमति देकर धरना समाप्त करा दिया। वहीं, प्रदर्शनकारियों नेे सीओ, थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
थानाभवन के दलित समुदाय के लोगों ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शुक्रवार 14 अप्रैल को शोभायात्रा निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इंकार कर दिया था।
इसे लेकर दलित समाज में रोष फैल गया था। इसके विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी देते हुए अंबेडकर मार्केट मेें शुक्रवार की सुबह मौन धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया। इस चेतवनी की सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी एमएस गिल ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, परन्तु वह नहीं माने। वहीं, सामाजिक संगठन और राजनैतिक दलों के लोग मौके भी पहुंच गए।
जलालाबाद से भीम सेना के कार्यकर्ता, आरएसएस के राकेश कांबोज, कुशल सिंघल, भाजपा के रविंद्र गोयल, विनोद बिन्नी राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष संजय शर्मा, संदीप जिंदल, किरणपाल, विहीप के नरेंद्र सैनी, कांग्रेस के राकेश शर्मा, मोहित शार्म, बसपा के राकेश मित्तल, शौकत मांगा आदि ने दलितों की मांग का समर्थन किया।
उधर, मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो राज्य मंत्री सुरेश राणा ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए जिलाधिकारी से बात की। जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम शामली एमपी सिंह और सीओ थानाभवन सुनील त्यागी को मौके पर भेजा। अधिकारियों ने शोभायात्रा निकालने के लिए कहा, लेकिन लोगों ने कह दिया कि लिखित अनुमति के बगैर शोभायात्रा नहीं निकालेंगे।
इस पर उपजिलाधिकारी ने पांच लोगों की कमेटी का गठन कराकर मौके पर ही अनुमति देते हुए 16 अप्रैल को शोभा यात्रा निकालने की घोषणा करा दी।
प्रदर्शनकारियों ने मामले में सीओ, थाना प्रभारी तथा चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान सभी प्रदर्शनकारी मौन रहे। नारेबाजी और भाषण नहीं दिया। इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों में धर्म सिंह, अजीत, विनोद कुमार, देशराज, लक्ष्मीचंद, अनिल, जयभगवान, भागमल, सोहनलाल ठेकेदार, यशवीर, अमित, अनिल कुमार, कुसुम, बबीता, मधु, सविता आदि रहे।