शामली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 10912 पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य विभाग तलाश कर रहा है। 70 व उससे अधिक आयु के लाभार्थियों की शासन से मिली सूची में नाम व मोबाइल नंबर अंकित है, लेकिन घर का पता न होने से लाभार्थियों तक पहुंचना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लाभार्थियों को ढूंढ़ रही हैं। आयुष्मान कार्ड न बनने से लाभार्थी योजना का लाभ लेने से वंचित हैं। आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। शासन की तरफ से 70 व उससे अधिक आयु के लोगों को भी योजना में शामिल किया गया है।
शासन की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को जिले में 70 व उससे अधिक आयु वर्ग के 20024 लाभार्थियों की सूची भेजकर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे। 15 दिन पहले शासन की तरफ से 12786 लाभार्थियों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। इस सूची में लाभार्थी का नाम और मोबाइल नंबर अंकित है।
स्वास्थ्य विभाग इस सूची में शामिल 1874 पात्र लाभार्थियों के ही आयुष्मान कार्ड बना पाया है। बाकी 10912 लाभार्थी स्वास्थ्य विभाग को ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील ने बताया कि सूची में लाभार्थियों के घर का पता अंकित नहीं है। साथ ही जो मोबाइल नंबर दिए गए हैं, उनमें अधिकतर गलत हैं या फिर वे बंद आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सूची में शामिल लाभार्थियों की घर-घर जाकर तलाश कराई जा रही है। सभी सीएचसी के चिकित्साधीक्षकों से 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए बीपीएम व बीसीपीएम द्वारा आशाओं के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों से अनुरोध किया कि वे नजदीकी सीएचसी पर व सीएचओ से मिलकर निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर योजना का लाभ ले सके। (संवाद)