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दुष्कर्म पीड़िता के अपहरण की कोशिश, विरोध पर युवक को गोली मारी

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दुष्कर्म पीड़िता के अपहरण की कोशिश, विरोध पर युवक की हत्या
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कैराना (शामली)। थाना क्षेत्र के गांव भूरा में दुष्कर्म के आरोपी युवक ने अपने भतीजे के साथ मिलकर सोमवार सुबह बहन के साथ मंदिर जा रही पीड़िता का अपहरण करने की कोशिश की। विरोध करने पर दुष्कर्म के मामले में पैरवी कर रहे युवक अजय को खेत में खींच लिया और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। युवक पर पहले भी आरोपी हमला करा चुके हैं। पुलिस ने आरोपी युवक और उसके भतीजे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव भूरा में करीब दो वर्ष पूर्व एक युवती के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले में जमानत पर बाहर आए आरोपी शुभम और उसके भतीजे सन्नी ने युवती को अगवा करने की कोशिश की। युवती की छोटी बहन के शोर मचाने पर पड़ोसी युवक अजय, उसके पिता और मां मौके पर पहुंच गई। इनके विरोध करने पर आरोपियों ने युवती को छोड़ दिया और अजय (27) को ईख के खेत में खींच कर उसके सिर और बाएं कंधे के पीछे गोली मार दी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए। वारदात के बाद सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सीओ जितेंद्र कुमार और कोतवाली प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कोतवाली में मृतक के पिता सुरेंद्र ने गांव भूरा निवासी शुभम व उसके भतीजे सन्नी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि 2019 में दर्ज हुए मुकदमे की पैरवी की रंजिश को लेकर युवक की हत्या की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दो साल पहले शुभम ने किया था दुष्कर्म
अजय की हत्या में शामिल शुभम ने दो साल पहले युवती के साथ दुष्कर्म किया था। परिजनों ने उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। मरने वाला युवक अजय युवती की ओर से पैरवी कर रहा था। दुष्कर्म का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि मामले में पैरवी करने व फैसला न करने पर शुभम ने अपने भतीजे सन्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर की है। अजय अपने पिता सुरेंद्र का दूसरे नंबर का बेटा था। अजय की अभी तक अविवाहित था।
पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकती थी जान
अजय के पिता सुरेंद्र ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में पैरवी करने को लेकर अजय के ऊपर पहले भी तीन-चार बार हमले हो चुके थे। पीड़ित पक्ष की ओर से इस मामले में कई बार शिकायत की गई। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी खुलेआम गांव में घूमते रहते थे। वह मुकदमे में फैसला करने का दबाव भी बना रहे थे। अजय की शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
आरोपियों ने क्रॉस केस कराने की रची थी साजिश
युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दो साल पहले पुलिस ने आरोपी शुभम को सलाखों के पीछे भेजा था, लेकिन वह जमानत पर छूटने के बाद दुष्कर्म के मामले में समझौता कराने कराने के हथकंडे अपनाने लगा था। बताया गया कि करीब एक साल पहले हाथ में गोली मारकर थाने में पीड़ित पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमला करने का झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल की तो जानलेवा हमले का मामला फर्जी पाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ झूठा केस बनाने के आरोप में कार्रवाई भी की थी।
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पूजा की थाली व लोटा भी सड़क पर गिरा
घर से गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए गई दुष्कर्म पीड़िता का जब आरोपियों ने अपहरण करने का प्रयास किया तो उसके हाथों में पूजा की थाली व लोटा भी सड़क पर गिर गया। जिसको पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया।
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