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मौसम में बदलाव के साथ अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़

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शामली। मौसम में आए बदलाव का सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज बुखार, नजला, जुकाम और खांसी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
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रात में मौसम ठंडा और दिन में गरम चल रहा है। मंगलवार को रात का तापमान 21 और दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। बदलते मौसम के साथ अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एक सप्ताह पहले तक सीएचसी शामली में मरीजों की संख्या एक दिन में 600-700 के आसपास चल रही थी, इनमें 350 के आसपास नए मरीजों की पर्ची बन रही थी। मंगलवार को दोपहर एक बजे तक नए मरीजों की पर्ची की संख्या 470 थी जबकि पुराने मरीज भी जोड़ लें तो यह संख्या काफी ज्यादा हो सकती है।
अब तक सीएचसी में बुखार के इक्का दुक्का केस ही आ रहे थे, लेकिन अब बुखार के केस बढ़ रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे डा. दीपक कुमार ने बताया कि दोपहर साढ़े 12 बजे तक 50 मरीजों में सामान्य बुखार के आठ मरीज मिले जबकि नजला, जुकाम, खांसी के भी कुछ मरीज आए हैं। डा. सौरभ कुमार ने बताया कि दोपहर एक बजे तक करीब 90 मरीजों की जांच की गई,जिनमें करीब 10 केस सामान्य बुखार के हैं। कुछ मरीज नजला, जुकाम के भी आए हैं।
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डेंगू की पुष्टि के लिए नौ सैंपल मेरठ भेजे
शामली। निजी अस्पतालों में डेंगू के केस सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने़ पुष्टि के लिए नौ सैंपल मेरठ मेडिकल में जांच के लिए भेजे हैं। निजी अस्पताल में एक-दो केस डेंगू का सामने आ रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले निजी अस्पताल से बुखार के तीन मरीजों और सरकारी अस्पताल से बुखार के छह मरीजों के सैंपल लेकर मेरठ मेडिकल लैब में जांच के लिए भेज गए हैं, जिनकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर डेंगू की पुष्टि हो सकेगी।
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इस साल मलेरिया के 22 केस मिले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से सितंबर माह तक जिले में मलेरिया के 22 केस मिले हैं। 2019 में मलेरिया के 97 केस मिले थे। 2018 में 143, 2017 में 267, 2016 में 510 केस मलेरिया के मिले थे। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि हर साल मलेरिया के मरीजों की संख्या घट रही है।
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इन उपायों से करें बचाव
- सुबह-शाम मौसम के अनुसार कपड़े पहनें।
- दिन में पसीना आने पर एकदम ठंडा पानी न पीयें।
- पसीना सुखाकर ही हाथ-पैर मुंह पानी से धोएं।
- सर्दी जुुकाम होने पर गुनगुना पानी पीयें।
- हरी पत्तेदार सब्जी का ज्यादा सेवन करें।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- घर में या आसपास साफ पानी का जमाव न होने दें।
- एक सप्ताह में कूलर का सारा पानी निकालकर सुखाएं।
- पानी को ढककर रखें और साफ-सफाई रखें।
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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कोट
जिले में डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार आदि का कोई केस सामने नहीं आया है। वेक्टर जनित संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए एक से 31 अक्तूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों को बीमारियों से बचाव संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।
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- डा. वीर बहादुर ढाका, सीएमओ।
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