खोड़समा गांव में घर के दरवाजे पर लिखी पलायन की चेतावनी।
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चौसाना (शामली)। खोड़समा गांव में जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित पक्ष पर मुकदमा दर्ज होने से आक्रोशित कई परिवारों ने गांव छोड़ने का एलान कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में घर का सामान भरकर पुलिस चौकी पहुंच गए। चौकी में धरने पर बैठने से रोकने पर ग्रामीणों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष के खिलाफ अनावश्यक मुकदमा दर्ज किया है। काफी देर की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपियों की तीन दिन में गिरफ्तारी होगी और पीड़ित पक्ष पर दर्ज मुकदमा खत्म किया जाएगा।
रविवार को सोमपाल पुत्र जगदीश अपने खेत से गांव लौट रहा था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते रास्ते में दंपती ने अपने पुत्र और एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर उसे रोक लिया। गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई। सोमपाल के विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
उधर, पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के साथ पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया। सोमवार को जैसे ही ग्रामीणों को क्रॉस केस की जानकारी हुई, तो वह आक्रोशित हो उठे। गुस्साए ग्रामीणों ने पलायन करने की घोषणा घर की दीवारों और दरवाजों पर यह मकान बिकाऊ है लिख दिया। एकजुट ग्रामीण अपने घरों का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर पुलिस चौकी पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने धरने पर बैठे ग्रामीणों का चौकी से बाहर धकेलने का प्रयास किया। इस बीच ग्रामीण एवं पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। काफी देर की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपियों की तीन दिन में गिरफ्तारी होगी और पीड़ित पक्ष पर दर्ज मुकदमा खत्म किया जाएगा। जिसके बाद ग्रामीण अपना सामान लेकर वापस लौटे।
खोड़समा गांव में घर का सामान ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर पुलिस चौकी के लिए रवाना होते ग्रामीण।- फोटो : SHAMLI
चौसाना पुलिस चौकी पर धरने पर बैठे खोड़समा के ग्रामीणों को समझाती पुलिस।- फोटो : SHAMLI
खोड़समा गांव में घर का सामान ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर पुलिस चौकी के लिए रवाना होती महिलाएं।- फोटो : SHAMLI