शामली जिले में 12 से 14 साल के किशोरों को कोरोनारोधी टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ ली है। इसकी वजह ये है कि स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में टीकाकरण शुरू कर दिया है। जिले में छह बूथ से बढ़ाकर 39 बूथों पर टीकाकरण किया गया। पिछले 15 दिन में मात्र 815 किशोरों को टीके लगे थे। बूथ बढ़ने पर एक दिन में 1779 किशोरों को टीके लगाए गए। टीकाकरण का प्रतिशत भी 1.41 प्रतिशत से बढ़कर 4.51 प्रतिशत हो गया।
कोरोना से बचाव के लिए 12 से 14 साल के किशोरों को वैक्सीन के टीके लगाने का चरण 16 मार्च से शुरू हुआ था, लेकिन टीकाकरण गति नहीं पकड़ पा रहा था। टीकाकरण भी सभी छह सीएचसी पर ही हो पा रहा था। पिछले 15 दिन में मात्र 815 किशोरों को ही टीके लग पाए थे, जो लक्ष्य के सापेक्ष 1.41 प्रतिशत रहा। जिले में 57963 किशोरों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
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टीकाकरण की गति धीमी रहने पर सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को स्कूल व अन्य स्थानों पर बूथ बनाकर टीकाकरण की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को सभी सीएचसी और प्रत्येक ब्लाक में पांच स्कूलों समेत 39 बूथ बनाकर टीकाकरण किया गया। स्कूलों में बूथ बनाने पर किशोरों को टीकाकरण में गति आई है। बृहस्पतिवार को 12 से 14 साल के 1779 किशोरों को टीके लगे। इन्हें मिलाकर अब कुल 2612 किशोरों को टीके लग चुुके हैं, जो लक्ष्य का 4.51 प्रतिशत हो गया है।
उधर, 15 से 18 साल के आयु के 10 किशोरों को पहली डोज और 721 किशोरों को दूसरी डोज का टीका लगा है। इस आयु वर्ग में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 103.01 प्रतिशत और दूसरी डोज का 55.02 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि बृहस्पतिवार को 39 बूथों पर 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण किया गया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण बढ़ाने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
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