शामली। जिले में चल रहे कोरोनारोधी टीकाकरण में 12 से 14 साल के किशोरों में टीका लगवाने को लेकर उत्साह बना हुआ है। टीका लगवाने आए किशोरों का कहना है कि टीका कोरोना से बचने का सुरक्षा कवच है, इससे क्या घबराना। टीका सभी को लगवाकर कोरोना को हराने में सहयोग करना चाहिए। जिले में अब तक 4003 किशोरों को टीके लग चुके हैं, जो लक्ष्य का 6.91 प्रतिशत है।
जिले में दो दिन से 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण की रफ्तार में तेजी आई है। शुक्रवार को 29 बूथों पर किशोरों को टीके लगाए गए। सभी बूथों पर 1652 किशोरों को टीके लगे हैं। इस आयु के 57963 किशोरों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 4003 किशोरों को टीके लगे हैं, जो लक्ष्य के सापेक्ष 6.91 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि किशोरों को टीके लगवाने के लिए अभिभावकों में जागरूकता आई है। दो दिन से टीका लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है।
टीका लगवाने आए किशोर ये बोले
सीएचसी शामली में वैक्सीन का टीका लगवाने आए रेलपार निवासी 13 वर्षीय किशोर कार्तिक ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए टीका ही सुरक्षा कवच है। इसे लगवाने के लिए क्या घबराना। कोरोना से सुरक्षा टीके से हो सकती है तो इसमें न कोई भ्रम है और न ही किसी तरह की शंका। सभी को टीका लगवाना चाहिए और कोरोना को हराने में सहयोग करना चाहिए।
मोहल्ला दयानंद नगर निवासी 14 वर्षीय केशव गर्ग ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए टीका ही सुरक्षित कवच है। उसे इंतजार था कि कब उसकी आयु के किशोरों को टीकाकरण शुरू होगा। उसे जब से पता चला कि टीके लग रहे हैं, तब से ही वह टीका लगवाने को लेकर उत्साहित था। उसे टीका लगवाने में न सूईं का डर लगा और न ही इससे कोई परेशानी हुई है। सभी को टीका जरूर लगवाना चाहिए। सभी आयु के लोग टीका लगवाएंगे तो कोरोना पर आसानी से जीत पा सकेंगे।