शामली। जिले में कोरोना खत्म होने के बाद शुरू हुए दूसरे मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मरीजों की संख्या कम रही। पहले रविवार को 559 मरीजों को उपचार मिला था। इस बार 431 मरीज ही आरोग्य मेले में पहुंचे हैं। आरोग्य मेले में ज्यादातर मरीज गर्मी के कारण वायरल बुखार, उल्टी और दस्त के रहे।
कोरोना के कारण हर रविवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित होने वाला आरोग्य मेला बंद चल रहा था। करीब तीन माह बाद पिछले रविवार से आरोग्य मेला फिर से शुरू किया गया है। कोरोना के बाद पहले आरोग्य मेले में 559 मरीजों को उपचार दिया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार रविवार को मरीजों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के बजाए कम रही। पिछले आरोग्य मेले के मुकाबले 128 मरीज कम आए। आरोग्य मेला जिले के सभी 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किया गया। मेले में 178 पुरुष मरीज, 190 महिला और 63 बच्चों को उपचार दिया गया। इस तरह से कुल 431 मरीजों को उपचार मिला। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के 41 गोल्डन कार्ड बनाए गए। सीएमओ डा. संजय अग्रवाल ने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ज्यादातर मरीज गर्मी के कारण बुखार, उल्टी दस्त और पेट की बीमारी के मरीज ज्यादा रहे। कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज नहीं आया। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई है।
सिलावर में सबसे अधिक 43 मरीज पहुंचे
शामली। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सबसे अधिक 43 मरीज पीएचसी सिलावर पर पहुंचे। सबसे कम मरीजों की संख्या एलम पीएचसी पर रही। वहां पर मात्र पांच मरीज ही उपचार कराने पहुंचे। शामली में अरबन पीएचसी पंसारियान में 34 और बरखंडी पर 15 मरीजों को उपचार मिला। कैराना अरबन पीएचसी पर 11 मरीज पहुंचे।
आरोग्य मेले की स्थिति
पीएचसी- 25
चिकित्सक -26
पैरा स्टाफ - 102
पुरुष मरीज - 178
महिला मरीज - 190
बच्चे - 63
गोल्डन कार्ड - 41