शामली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने के लिए 14 से 15 साल आयु की किशोरियों का सर्वे किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस आयु की 16852 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है, हालांकि सर्वे के बाद किशोरियों की सही स्थिति का पता चल सकेगा। उम्मीद है कि अगले महीने अप्रैल के पहले सप्ताह से वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को वैक्सीन का टीका लगाने की तैयारी है। यह वैक्सीन 14 साल से अधिक और 15 साल से कम आयु की किशोरी को लगाई जाएगी। सरकार के निर्देश पर जिले में इस आयु की किशोरियों का सर्वे एक सप्ताह पहले शुरू किया गया है। आशा और एएनएम घर-घर जाकर सर्वे कार्य कर रही है। सर्वे का कार्य 15 अप्रैल तक पूरा किया जाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करण चौधरी ने बताया कि जिले की कुल आबादी का एक प्रतिशत यानि अनुमानित 16852 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे में किशोरियों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से अभी वैक्सीन प्राप्त नहीं हुई है। वैक्सीन मिलते ही किशोरियों को टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। यह वैक्सीन जिले में सभी सीएचसी पर लगाई जाएगी।
ये है सर्वाइकल कैंसर
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करण चौधरी ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स यानि गर्भाशय के निचले हिस्से (मुख) में होता है। यह मुख्य रूप से यौन संचारित ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण के बाद कैंसर में परिवर्तित हो जाता है। समय पर एचपीवी वैक्सीन, नियमित जांच और सावधानी ही इसका बचाव है। यह ज्यादातर 35-50 वर्ष की महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है। इसके मुख्य लक्षण योनि से अनियमित रक्तस्राव होना, दर्द होना, बदबूदार या पानी जैसा पीले-भूरे रंग का स्राव होना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना, अचानक वजन कम होना, थकान होना है। उन्हाेंने बताया कि यदि कोई लक्षण महसूस हो तो स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।