कैराना। मंडलायुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त ने मीट फैक्टरी पर छापेमारी की। मौके पर जांच पड़ताल के दौरान वायु प्रदूषण और गंदगी देखकर अपर आयुक्त ने संचालक को कड़ी फटकार लगाई। अपर आयुक्त के निर्देश पर पानी के सैंपल भी लिए गए हैं।
नगर के मोहल्ला दरबारखुर्द रेतावाला वार्ड-13 निवासी धन्नी ने सहारनपुर मंडलायुक्त से शिकायत की थी कि नगर के कांधला रोड पर संचालित मीम एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (मीट फैक्टरी) में मानकों के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है। इसपर मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त रमेश यादव, एसडीएम, सीओ कैराना, मुख्य चिकित्साधिकारी शामली, क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम गठित की।
बृहस्पतिवार को अपर आयुक्त ने मीट फैक्टरी पर छापेमारी की। इस दौरान मीट फैक्टरी में वायु प्रदूषण और दुर्गंध पर अपर आयुक्त भड़क गए। उन्होंने संचालक को फटकार लगाई। प्लांट में दुर्गंध के चलते अधिकारियों को भी मास्क लगाने पड़े। अपर आयुक्त के निर्देश पर मीट फैक्टरी से पानी और आसपास में लगे हैंडपंपों से पानी के सैंपल लिए गए। उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहीं, अपर आयुक्त ने संचालक को फैक्टरी का लाइसेंस दिखाने के निर्देश दिए हैं।
हम कहां जाए, सांस लेना तक दूभर
अपर आयुक्त की छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता धन्नी भी मीट फैक्ट्री में पहुंच गया था। जहां उसने फैक्ट्री संचालक के सामने ही अपर आयुक्त को सारी समस्याओं से अवगत कराया। पीड़ित ने कहा कि मीट फैक्ट्री से 80 प्रतिशत आसपास की आबादी के लोग काला पीलिया से ग्रस्त है। सांस तक लेना दूभर है। पानी पीने लायक नहीं। ऐसी स्थिति में कहां जाकर रहें। वहीं, साजिद ने अपर आयुक्त को बताया कि वह खुद कई सालों तक पीलिया से ग्रस्त रहा है। लोगों को बीमारियों ने जकड़ रखा है।
पहले भी होती रही लीपापोती
मीट फैक्टरी की पूर्व में शिकायत होती रही है। कई बार जांच टीमें भी पहुंचती रही है और सैंपल भरे जा चुके हैं। लेकिन, हर बार कार्रवाई खानापूर्ति तक सीमित नजर आई है। यही कारण है कि मीट फैक्टरी का संचालन बदस्तूर जारी है।
मीट फैक्टरी में शिकायत के बाद जांच की गई है। सैंपल भरवाए गए हैं और प्रदूषण विभाग को भी पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा आबादी में मीट फैक्ट्री की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश यादव, अपर आयुक्त, सहारनपुर