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जिले में पहले भी पड़े जाते रहे हैं रिश्वत के मामले

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रिश्वतखोरी में पहले भी होती रही है कार्रवाई
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शामली: जिले में भ्रष्टाचार के मामले पहले भी पकड़ में आते रहे हैं। बीते करीब एक वर्ष में ही एंटी करप्शन की टीम सिपाही, लिपिक और लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर चुकी है। अब नया मामला कैराना खंड शिक्षा अधिकारी का आया है।
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जिले में भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी की जड़े काफी गहरी हैं। 25 सितंबर को हरियाणा के झज्जर निवासी किसान राजेश कुमार की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने कैराना तहसील के सर्वे लेखपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। लेखपाल ने जमीन का दाखिल-खारिज करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। इससे पहले 14 जनवरी 2020 को एंटी करप्शन टीम ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात वरिष्ठ पटल सहायक मुनीष कुमार को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वह कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस बनाने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। 10 अगस्त 2019 को मेरठ से आई एंटी करप्शन टीम ने थाना झिंझाना पुलिस के सिपाही सचिन कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। कैराना कोतवाली क्षेत्र के पावटी कला गांव के रहने वाले मेहंदी हसन ने सिपाही की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता से रिश्वत में 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। टीम ने रिश्वत में लिए गए नोटों के साथ आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया था।
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