पटाखा विक्रेताओं के फंसे डेढ़ करोड़
शामली। जनपद में पटाखों की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध लगने से पटाखा विक्रेताओं के करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रकम फंस गई है। विक्रेताओं ने पटाखा फैैक्टरी मालिकों को एडवांस में रकम जमा कराई हुई है। इसे लेकर पटाखा विक्रेताओं की परेशानी बढ़ गई है।
दिवाली पर पटाखों और आतिशबाजी बनाने का काम तेजी से चल रहा था। मंगलवार को शासन की गाइड लाइन मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जिले में पटाखा बेचने और जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगने से विक्रेताओं को रकम फंसती हुई नजर आ रही है। शहर में करीब 97 पटाखा विक्रेता बताए गए हैं। अधिकांश पटाखा विक्रेताओं ने एडवांस में पटाखा फैक्टरी मालिकों को रकम जमा करा रखी है।
औसतन एक पटाखा विक्रेता ने डेढ़ से दो लाख रुपये एडवांस जमा कराया हुआ है। पटाखा विक्रेताओं ने अस्थायी लाइसेंस लेने के लिए प्रक्रिया शुरू कर रखी थी, लेकिन अचानक बिक्री व जलाने पर प्रतिबंध लगने से वे पुलिस व अन्य अधिकारियों के यहां जानकारी लेने के लिए चक्कर काटते रहे। दयानंद नगर निवासी सचिन ने बताया कि उसने दिवाली पर पटाखे की बिक्री के लिए सहारनपुर के एक पटाखा फैक्टरी संचालक को पौने दो लाख रुपये एडवांस जमा करा रखे है। अब वह रकम वापस न कर माल ले जाने को कह रहा है, लेकिन यहां पटाखे की बिक्री पर रोक लग गई। रामसागर निवासी गौरव ने बताया कि उसने सहारनपुर से पटाखे मंगाने के लिए दो लाख रुपये एडवांस जमा करा रखे हैं। अब उसकी रकम फंस गई है। यही स्थिति अन्य पटाखा विक्रेताओं की बताई गई है। पटाखा विक्रेता फंसी रकम निकलाने की जुगत में लगे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार जिले में पटाखा की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध है। अगर कोई अवैध रूप से पटाखा बिक्री या भंडारण पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।