शामली/ऊन/झिंझाना। झांसी के निजी अस्पताल में आग लगने से दस बच्चों की मौत होने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया। सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने जिला अस्पताल और ऊन सीएचसी का निरीक्षण किया।
उन्होंने अस्पताल में आग से बचाव के लिए लगे उपकरण, आग बुझाने के लिए लगी पाइप लाइन आदि की जांच की। जांच में सभी उपकरण व सिलिंडर सही पाए गए। इसके बाद ओपीडी में कई चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। इस दौरान मरीजों ने सीडीओ से चिकित्सकों के देर से आने और मौजूद न रहने से की शिकायत की। सीडीओ ने उपस्थिति पंजिका में अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक समेत 11 स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति लगाई। सीडीओ ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट डीएम अरविंद कुमार चौहान को सौंपी जाएगी।
ऊन सीएचसी में सीडीओ के निरीक्षण में अलार्म कंट्रोल पैनल लगा नहीं पाया गया। इमरजेंसी वार्ड में सभी उपकरण लगे मिले। प्रसव कक्ष, कोल्ड चेन, वैक्सीनेशन सेंटर आदि पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। सीएचसी पर 11 नियमित कर्मचारियों में से एक व संविदा के 15 कर्मचारियों में से दो कर्मचारी सीएल पर मिले। जच्चा बच्चा वार्ड में सफाई व्यवस्था ठीक पाई गई। इस दौरान एसीएमओ कृष्णगोपाल, चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर तरुण चौधरी आदि मौजूद रहे।
झिंझाना सीएचसी का शनिवार को नायब तहसीलदार सतीश यादव, उपखंड अधिकारी विद्युत अनिल कुमार सिंह, अग्निशमन विभाग से जीत सिंह ने सीएचसी में बिजली के केबल, अग्निशमन के उपकरण और वार्ड में सुविधाओं की जांच की। इस दौरान ट्रांसफार्मर के पास केबिल लटके मिले। अधिकारियों ने बिजली के केबल को ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर शशिकांत ने बताया निरीक्षण में आग से बचाव के सभी उपकरण ठीक पाए गए। बिजली के लटके केबल को दुरुस्त कराया जा रहा है।