बाबरी (शामली)। देश में नेक इंसानों की कमी नहीं है। ऐसा ही एक नेक दिल इंसान है बंतीखेड़ा गांव का अब्दुल। जो दिव्यांग है, लेकिन दिल बहुत बड़ा है। लोगों के कपड़े सिलकर घर का गुजर बसर कर रहा अब्दुल अब घर में ही मास्क तैयार कर लोगों को निशुल्क बांट रहा है।
कोरोना के चलते काम भी बंद हो गया, लेकिन अब्दुल ने समाज सेवा का बीड़ा उठाया है। बकौल इस महामारी के दौर में हर इंसान को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। गांव में मास्क और सैनिटाइजर के प्रति लोग ज्यादा जागरूक नहीं होते। ना ही इतनी आसानी से मास्क मिलते हैं। इसलिए उसने मास्क बनाकर लोगों को देने का मन उसने बनाया था। कपड़ा उसके पास पहले से ही रखा था। उसके उसने मास्क बनाए और आसपास मोहल्ले के लोगों को निशुल्क बांट रहा है। अब्दुल का कहना है कि यदि उसके इस प्रयास से 10 लोगों को भी कुछ लाभ हुआ, तो यही उसके लिए बहुत कुछ होगा। समाज सेवा के लिए मन में सच्ची सेवा का भाव होना चाहिए।