शामली। मंडलायुक्त सहारनपुर संजय कुमार ने गंदेवड़ा संगम नहर व निर्माणाधीन जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। संगम स्थल के विकास के लिए 88 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। मंडलायुक्त ने सोलर लाइट, इंटर लॉकिंग पटरी और सीमेंट की बेंच बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही नदी में गंदगी डालने वालों पर निगरानी रखने के लिए समिति बनाने को कहा। जिला अस्पताल में कार्य 31 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गंदेवड़ा संगम स्थल के विकास के लिए दो करोड़ 34 लाख की परियोजना बनाई गई थी। 2018-19 वर्ष में पांच लाख रुपये की लागत से घाट का निर्माण हुआ था। गन्ना मंत्री सुरेश राणा के प्रयास से वित्तीय वर्ष 2020 में 177.03 लाख के बजट का प्रस्ताव किया गया, जिसमें 25 अगस्त को 88 लाख की स्वीकृत हो गई है। मंडलायुक्त संजय कुमार ने संगम नहर के सौंदर्यीकरण के लिए सोलर लाइट, पटरी के दोनों ओर इंटरलॉकिंग, सीमेंटेड बेंच बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी को स्वच्छ रखें। गंगा-यमुना संगम के लिए एक समिति बनाई जाए जो निगरानी रखे कि संगम में कोई कूड़ा करकट, पॉलिथीन आदि न डाले। उन्होंने कहा कि दशहरा पर यहां मेला लगता है, जिस कारण ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न होती है। इसके लिए पार्किंग की व्यवस्था की जाए। यमुना घाट के दोनों ओर 10-10 मीटर पर एलइडी लाइट लगाने, शौचालय, चेजिंग रूम, पानी की टंकी लगाने के भी निर्देश दिए।
इसके बाद मंडलायुक्त निर्माणाधीन जिला अस्पताल पहुंचे और निर्माण कार्यों की फिनिशिंग नहीं होने पर 31 अगस्त तक फिनिशिंग व साफ सफाई पूरा करने के निर्देश दिए। आईसीयू में मॉनिटरिंग के लिए चिकित्सकों का अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएम जसजीत कौर, एसपी विनीत जायसवाल, सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, एडीएम अरविंद कुमार सिंह, सीएमओ डा. संजय भटनागर, पीडी ज्ञानेश्वर तिवारी, एसडीएम सदर संदीप कुमार, मणि अरोरा, रविंद्र राणा, बीडीओ डा. पंकज कुमार, जिला पंचायत सदस्य शेर सिंह राणा, प्रधान हरिंदर सिंह गंदेवड़ा, ठाकुर गुलाब सिंह, जगत सिंह आदि मौजूद रहे।
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सड़क निर्माण न कराने की शिकायत
जलालाबाद। मंडलायुक्त को मनरेगा योजना में सड़क निर्माण न होने की शिकायत की गई। जिला पंचायत सदस्य शेर सिंह राणा के साथ ग्राम पालखेड़ी के ग्रामीणों ने शिकायतपत्र देकर बताया कि थानाभवन ब्लॉक के सभी गांवों में विकास योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा। गांव पलठेड़ी से सड़क निर्माण नहीं कराया गया और निर्माण की धनराशि भी विभाग से प्राप्त कर ली गई है। आरोप लगाया कि गांव के 33 लोगों को पात्र होने के बावजूद छायादार टीन शेड योजना का लाभ नहीं दिया गया। मंडलायुक्त ने सीडीओ को जांच के आदेश दिए। इस दौरान जमशेद प्रधान, इमरान, मुस्लिम ,खुर्शीद अहमद, इस्लाम आदि मौजूद रहे।