शामली। पहाड़ों पर बारिश थमने के बाद पिछले 48 घंटों में यमुना का जलस्तर मे 80 सेमी की कमी आई है। जलस्तर घटने के बाद यमुना किनारे कलरी, नाईनंगला, डुंडू खेडा समेत कई गांवों में कटान शुरू हो गया है।
चौतरा गांव के कलरी मजरे में यमुना ने ठोकर को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। बाढ़ सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने कैराना एवं कलरी में दो नावों को लगाया है। इमरजेंसी में डीएम सुजीत कुमार ने बाढ़ सुरक्षा तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं ठोकरों के निर्माण के लिए तीस लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
12 अगस्त को पहाड़ों पर बारिश शुरू होने के बाद हथिनीकुंड बैराज से एक लाख 39 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद जिले के पढेड़, बल्हेडा, डुंडूखेडा, चौतरा गाव के कलरी मजरे, नाईनंगला, साल्हापुर मेें यमुना किनारे कटान हो गया था। जलस्तर बढ़ने से हजारों
बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। जलस्तर बढ़ने से कलरी गांव में आबादी को खतरा हो गया था। यमुना के तेज बहाव के चलते यहा एक सौ मीटर तक यमुना ने कटान कर दिया था। हथिनी कुंड बैराज पर सोमवार को यमुना में 24 हजार क्यूसेक व मंगलवार को 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। कैैैराना यमुना पुल पर शनिवार को जहां यमुना का जलस्तर 230.60 मीटर दर्ज किया गया था।
मंगलवार को 229.80 मीटर दर्ज किया गया। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर गिरने से भूमि का कटान में तेजी आई है। कलरी में यमुना का पानी ठोकरों से टकराने से क्षति ग्रस्त होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि कलरी गांव में एक सौ मीटर नाईनगला में पचास मीटर तक यमुना का कटान हो गया है।
डूंडूखेड़ा समेत कई गांवों में यमुना का कटान तेज हो गया है। उन्होंने बताया कि कलरी गांव में ठोकर, तटबंधों के सुदृढ़ीकरण के लिए तीस लाख का बाढ़ सुरक्षा का प्रस्ताव भेजा गया है।