शामली/कैराना। मंगलवार को द्वितीय चरण के पंचायत चुनाव के लिए 88 मतदान केंद्रों के 204 बूथों पर मत डाले गए। ग्राम दभेड़ी खुर्द के शरणार्थियों की कालोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि दबंगों ने उन्हें मतदान नहीं करने दिया। दो केंद्रों के बाहर युवकों को तमंचे लेकर घूमते हुए पकड़ा गया।
कैराना ब्लाक क्षेत्र में जिला पंचायत के वार्ड 10, 11, 12 व 13 तथा क्षेत्र पंचायत के 89 वार्डों के चुनाव के लिए ब्लाक के 204 बूथों पर सवेरे सात बजे से ही तेजी के साथ मतदान शुरू हुआ। ग्राम रामड़ा के प्राथमिक विद्यालय में बनाए सात बूथों व प्राथमिक विद्यालय नंगला राई के तीन बूथों पर नौ बजे तक ही 13 प्रतिशत मतदान हुआ।
रामड़ा अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आने के कारण यहां पर पुलिस बल की पूरी व्यवस्था मौजूद थी। संवेदनशील जहानपुरा में भी मतदान शांतिपूर्वक हुआ। सुबह 11 बजे तक यहां पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के तीन बूथों पर 30 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि ग्राम शेखुपुरा के चार बूथों पर सुबह 11 बजे तक प्रतिशत 35 रहा। शाम पांच बजे तक पूरे ब्लाक के मतदान का प्रतिशत 71.78 रहा।
मंगलवार को गांव जहानपुरा, इस्सोपुर खुरगान, बराला, रामड़ा, पठेड़ और दभेड़ी में कई मतदान केंद्रों पर ऐसे किशोर मिले। अमर उजाला के फोटो जर्नलिस्ट ने इनको कैमरे में कैद भी किया। वोट डालने आए इन किशोरों से पूछा, तो बोले कि हमारा नाम मतदाता सूची में हैं और हमारे पास मतदान करने के लिए पहचान पत्र भी है। इसी आधार पर वोट डालने आए हैं।
किशोरों द्वारा वोट डालना फर्जी मतदान की तरफ भी इशारा कर रहा है। कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने ऐसे किशोरों को भगाया, जो दूसरे मतदाताओं की वोट डालने पहुंच गए। इस तरह हुए मतदान से चुनाव नतीजे भी प्रभावित होने की आशंका है। क्योंकि गांव दर गांव मतदान केंद्रों के बाहर ऐसे ठेकेदार भी सक्रिय रहे, जो अपने विरोधियों की वोट पहले ही फर्जी तरीके से अन्य लोगों को अंदर भेजकर डलवाते रहे।