किसान 60 एकड़ जमीन बेचने के लिए सहमत
अमर उजाला ब्यूरो
कैराना (शामली)। ऊंचागांव में पीएसी कैंप और गुर्जरपुर में फायरिंग रेंज की स्थापना की निर्माण प्रक्रिया तेज हो गई। मेरठ से पीएसी के लोहिया छठी वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट ने अपने अधीनस्थों के साथ भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों की ओर से सहमति पत्र प्राप्त होने के बाद खसरा-खतौनी का मिलान किया। माना जा रहा है कि जल्द ही किसानों से जमीन की खरीदारी करने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से 60 एकड़ जमीन बेचे जाने के सहमति पत्र प्राप्त हो गए हैं।
भाजपा के सांसद स्वर्गीय बाबू हुकुम सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान अपराधियों के खौफ का वास्ता देकर कैराना और कांधला से सैकड़ों परिवारों के पलायन का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। उन्होंने तत्कालीन समाजवादी सरकार को घेरते हुए कानून व्यवस्था पर अनेक सवाल खड़े किए थे। इसके बाद भाजपा सत्ता में आई तो कैराना-कांधला के मध्य पीएसी कैंप की स्थापना की घोषणा आधिकारिक तौर पर कर दी। पूर्व में पीएसी मुख्यालय से डीआईजी ने यहां पहुंचकर भूमि का चिह्नीकरण भी कर लिया था। ऊंचागांव में पीएसी कैंप जबकि गुर्जरपुर में फायरिंग रेंज फाइनल कर दिया गया था। कई बार अधिकारी निरीक्षण पर पहुंचते रहे हैं। बुधवार को मेरठ से छठी वाहिनी पीएसी के असिस्टेंट कमांडेंट अब्दुल रज्जाक तहसील मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ में पीएसी के एसआई अमित कुमार, प्रधान लिपिक सुधीर कुमार व लोकेश कुमार भी थे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान आसपास के किसानों से बातचीत भी की गई। पीएसी के असिस्टेंट कमांडेंट अब्दुल रज्जाक ने बताया कि ऊंचागांव में कुल 64 एकड़ भूमि है, जिसमें चार एकड़ ग्राम समाज की शामिल हैं। यहां पर पीएसी कैंप की स्थापना होगी। जबकि गुर्जरपुर में 15 एकड़ भूमि पर फायरिंग रेंज बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर 60 एकड़ जमीन बेचे जाने के सहमति पत्र प्राप्त हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने तहसील मुख्यालय पर किसानों की खसरा-खतौनी का मिलान किया। असिस्टेंट कमांडेंट का कहना है कि दोनों गांवों में तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।