आयुष्मान के लाभार्थियों का होगा सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। योजना का लाभ अपात्रों को मिलने की शिकायत पर शासन ने यह निर्णय लिया। लाभार्थियों के सत्यापन के बाद अपात्रों को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। अधिकारियों को सत्यापन के बाद पांच से दस प्रतिशत तक अपात्र मिलने की उम्मीद है।
गरीब परिवारों को मुफ्त उपचार के लिए केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना चल रही है। पिछले साल से शुरू हुई इस योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार दिया जाता है। 2011 की जन गणनना के आधार पर गरीब परिवारों को लाभार्थी की सूची में शामिल किया गया है। जनपद शामली में आयुष्मान योजना की सूची में 36,545 लाभार्थी शामिल है। जिनमें से अभी तक लगभग 11 हजार लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। शासन प्रशासन को अक्सर शिकायतें मिल रही है कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की सूची में वे परिवार भी शामिल है। ये भी माना जा रहा है कि वर्तमान में जो लाभार्थियों की सूची है। वह आठ साल पहले हुई जनगणना के आधार पर है। आठ साल की अवधि में अनेक परिवार ऐसे होंगे जो गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके होंगे। शिकायतों और आठ साल के अंतराल को देखते हुए शासन ने आयुष्मान के लाभार्थियों का डोर टू डोर सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
दो चरणों में पूरा होगा सत्यापन
जिले में आयुष्मान के लाभार्थियों के सत्यापन करने के लिए अभी अंतिम रूपरेखा तैयार नहीं हुई है। डीएम के अनुमोदन के बाद ही सत्यापन कार्य शुरू होगा। लेकिन अधिकारियों की तरफ से प्रारंभिक योजना तैयार की जा रही है। पहले चरण में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी आयुष्मान लाभार्थी की सूची के मुताबिक घर घर जाकर इस बात की जानकारी जुटाएंगी कि वे योजना के मुताबिक पात्र है या नहीं। दूसरे चरण में पाए जाने वाले अपात्रों का राजस्व विभाग के लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव संबंधित सरकारी दस्तावेजों की जांच कर सत्यापन की अंतिम मुहर लगाएंगे।
आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का सत्यापन होने के संबंध में शासनादेेश मिला है। डीएम से अनुमोदन मिलने के बाद जल्द ही सत्यापन कार्य शुरू किया जाएगा। -डाक्टर सुशील कुमार, एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी, आयुष्मान।