शामली। इस साल जुलाई की बारिश ने पिछले तीन वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। जुलाई माह में 713 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। 31 अगस्त तक शामली जिले में 1180 एमएम बारिश हुई है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 486 एमएम बारिश ज्यादा हुई हैं।
पूरे साल जनवरी से लेकर दिसंबर माह तक जनपद की बारिश का आंकड़ा 800 से लेकर 850 एमएम तक होता है। 850 एमएम से लेकर 900 एमएम से अधिक सामान्य से अधिक बारिश होती है। ज्यादातर जुलाई, अगस्त और 15 से लेकर बीस सितंबर तक बारिश का मौसम माना जाता है। इस साल मौसम विभाग शुरू से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जता रहा था। वर्ष 2018 के शुरू में जनवरी से लेकर से अप्रैल में सामान्य बारिश हुई। मई और जून में सामान्य से अधिक बारिश रिकार्ड की गई। मई में 64 एमएम, जून में 68 एमएम बारिश हुई। जुलाई में 713 और अगस्त में 283 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। 31 अगस्त तक शामली जिले की बारिश होने का आंकड़ा 1180 एमएम रिकार्ड किया गया। वर्ष 2015 में जुलाई में 507 एमएम और वर्ष 2016 में 300 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज हुई थी।
पूर्वी यमुना खंड के अंबुज कुमार ने बताया कि इस साल अच्छी खासी बारिश होने से अगस्त 1180 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जबकि वर्ष 2016 में पूूूूरे साल 796 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज हुई थी। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 484 एमएम बारिश ज्यादा हुई है। उनका कहना है कि सामान्य से अधिक बारिश होने से जलस्तर में बढ़ोत्तरी होना तय है। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया है कि इस साल सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। बारिश का मौसम 15 सितंबर से लेकर 20 सितंबर तक माना जाता है। सितंबर माह में भी 50 एमएम बारिश होने की संभावना है। इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश होने से ग्राउंड लेवल रिचार्ज होगा।
सामान्य से अधिक बारिश धान और गन्ने के लिए लाभदायक
शामली। उपकृषि निदेशक शिवकुमार केसरी का कहना है कि सामान्य से अधिक बारिश होना धान-गन्ने के लिए लाभ दायक हैं। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आर के शुक्ला ने बताया कि अच्छी बारिश होने से तालाबों में पानी भरेगा और जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी।