गोवंश की वापसी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
कांधला। गऊशाला से गोवंश निकालकर दूसरे समुदाय के लोगों को सौंपने का मामले पर लोगों में रोष व्याप्त है। रविवार को कांधला में इस प्रकरण पर बैठक हुई, जिसके बाद प्रेसवार्ता की गई। राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य लोगों ने कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। यदि दो दिन के भीतर गोवंश वापस गऊशाला नहीं पहुंचाए गए तो रणनीति तैयार करके आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस प्रकरण से अवगत कराने का निर्णय भी लिया गया।
पांच दिन पूर्व कस्बा कांधला में रेलवे रोड से हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने तीन मिनी ट्रकों से 29 गोवंश मुक्त कराए थे और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बजरंग दल के नगर संयोजक सोनू कुमार की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुक्त कराए गए गोवंश को तब पुलिस ने कांधला स्थित गऊशाला में रखवा दिया था। उधर, दो दिन पूर्व पुलिस ने गोवंश की सुरक्षा का हवाला देते हुए गोवंशों को गऊशाला से निकलवाने के बाद दूसरे समुदाय के लोगों के सुपुर्द कर दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर शनिवार सुबह हिंदू संगठन के कार्यकर्ता व भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए धरना दिया था। आरोप है कि पुलिस ने गोवंशों को गऊशाला नहीं पहुंचाया, बल्कि किवाना निवासी डेयरी संचालक के सुपुर्द कर दिया।
इसी संबंध में रविवार को कांधला के मोहल्ला रायजादगान स्थित सूरजकुंड महादेव मंदिर में बैठक हुई और फिर प्रेसवार्ता की गई। इस दौरान राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भृगुवंशी आशुतोष पांडे ने कहा कि प्रकरण में कांधला पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है। पुलिस ने आरोपी लोगों से मिलीभगत करके रात के समय गोवंश को गोशाला से जबरन निकलवाया और विशेष समुदाय के लोगों को दे दिया। फिर पुलिस ने वादाखिलाफी करते हुए गोवंश गऊशाला को नहीं भिजवाए, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के सुपुर्द कर दिए। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। आरोपी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में सभासद दीपक सैनी , रिंकी रावत, भूपेंद्र सिंह राघव, हरिमोहन, लाले पूर्व सभासद, उपेंद्र सहित अन्य लोगों ने पुलिस के खिलाफ रोष व्यक्त किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष यह मामला उठाया जाएगा। इस दौरान ब्रजबिहारी मित्तल, देवीदास, कंवरपाल, सोनू, सुरेश, रविंद्र, राघव, दिनेश, अमित और मोहित आदि उपस्थित रहे।
कई गोवंश के मरने की आशंका जताई
राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 24 गोवंश किवाना के किसान के सुपुर्द किए, जबकि गऊशाला से 29 गोवंश ले जाए गए थे। उन्हें जानकारी मिली है कि कई गोवंश की मौत हो गई है। पुलिस को मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराना चाहिए था।
-- वर्जन --
सीओ कैराना राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि कांधला थाने के पुलिसकर्मी गोवंश वापस कराने के लिए गऊशाला पहुंचे थे, लेकिन गऊशाला में गोवंश लेने से मना कर दिया गया। इसी कारण किवाना के किसान की सुपुर्दगी में गोवंश दिए गए हैं।