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एडवाइज भेजी 2

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गन्ना मूल्य भुगतान में शुगर मिल प्रबंधन की हठधर्मिता
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शामली। गन्ना मूल्य भुगतान में शुगर मिल प्रबंधन की हठधर्मिता का ताजा उदाहरण गन्ना भुगतान के संबंध में भेजी गई एडवाइज के रूप में सामने आया है। शुगर मिल ने 28 करोड़ रुपये भुगतान की एडवाइज भेजी, लेकिन खाते में उतनी धनराशि नहीं रखी। इस कारण सिर्फ 16 करोड़ रुपये का भुगतान हो सका। इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने जिलाधिकारी से भी शिकायत की। वहीं, जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि शुगर मिल ने 12 करोड़ रुपये भुगतान के चेक भी भेज दिए हैं, बुधवार तक किसानों के खाते में पैसा पहुंच जाएगा।
भाकियू नेता अजय पंवार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि शामली शुगर मिल ने नवंबर माह तक के भुगतान की एडवाइज गन्ना समिति को भेजी थी, जिसमें 28 करोड़ 50 लाख रुपये भुगतान होना बताया। उसके लिए 16 करोड़ 50 लाख और 12 करोड़ रुपये का चेक गन्ना समिति को भेजा गया, लेकिन भुगतान सिर्फ 16 करोड़ 50 रुपये का ही हो सका। क्योंकि शुगर मिल के खाते में इतनी ही धनराशि थी। आरोप है कि पूर्व में गुमराह करने के लिए 28 करोड़ 50 लाख रुपये की एडवाइज भेज दी, ताकि शासन का दबाव न बने। इसमें शुगर मिल ने 14 दिन में भुगतान करने के नियम का भी उल्लंघन किया। अजय पंवार का कहना है कि शुगर मिल चीनी, शीरा और बैगास की लगातार बिक्री कर रही है, बावजूद इसके किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में देरी की जा रही है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती ने बताया कि मंगलवार को ही शुगर मिल ने 12 करोड़ रुपये भुगतान के चेक गन्ना समिति को भेज दिए हैं, बुधवार तक किसानों के खाते में पैसा पहुंच जाएगा।
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सीआईसी की बैठक में उठा ढुलाई भाड़ा काटने का मुद्दा
शामली। केन इंप्लीमेंटेशन कमेटी (सीआईसी) की बैठक में मंगलवार को चीनी मिलों द्वारा किए जा रहे भुगतान में ढुलाई भाड़ा काटने का मुद्दा उठा। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिलों की तरफ से भेजी गई भुगतान की एडवाइज वापस करा दी गई है। 14 दिन के भीतर भुगतान नहीं करने पर ढुलाई भाड़ा नहीं काटा जाएगा।
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मंगलवार को गन्ना समिति के सभाकक्ष में सीआईसी की बैठक हुई। उसमें जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, शामली गन्ना विकास परिषद चेयरमैन वीर सिंह मलिक, गन्ना समिति चेयरमैन प्रतिनिधि विनोद मलिक, ऊन गन्ना समिति चेयरमैन कटार सिंह और शुगर मिल के प्रतिनिधि के अलावा समितियों के सचिव और ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक मौजूद रहे। इस दौरान चीनी मिलों द्वारा सामान्य प्रजाति के गन्ना पर्ची समस्त क्रय केंद्रों पर जारी करने के निर्देश दिए। यदि फर्जी बांड एवं डबल बांड का प्रकरण संज्ञान में आता है तो गन्ना विभाग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगा। वहीं, भुगतान की समीक्षा में बताया कि चीनी मिल थानाभवन ने 19 से 30 नवंबर तक, शामली मिल ने एक से 15 नवंबर तक की एडवाइज ढुलाई भ़ाड़ा कटौती करके समिति को भेजी थी। वह एडवाइज चीनी मिलों को लौटा दी गई, क्योंकि 14 दिन में भुगतान न होने पर ढुलाई भाड़ा न काटने का निर्देश शासन ने दिया हुआ है। शुगर मिल के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भुगतान समय पर नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा भुगतान में देरी करने पर ऊन चीनी मिल का गन्ना क्षेत्रफल काटकर अन्य चीनी मिल को ट्रांसफर करने की बात भी कही गई।
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