शामली। प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री के जिले में चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान में लापरवाही की जा रही है। बार-बार बैठकों में भुगतान के निर्देश देने के बावजूद चीनी मिल प्रबंधन भुगतान नहीं कर रहा है। वहीं, जिला प्रशासन भी चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इसके चलते जिले की तीनों चीनी मिलों पर किसानों का 267 करोड़ 11 लाख 71 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
जिले में शामली, थानाभवन, ऊन चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। थानाभवन से विधायक सुरेश राणा प्रदेश सरकार में गन्ना विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। गन्ना राज्यमंत्री के गृह जनपद में भी चीनी मिलों की भुगतान की स्थिति बेहद खराब है। अभी तक चीनी मिलों द्वारा 66.02 प्रतिशत भुगतान ही किया जा सका है। जिसमें शामली चीनी मिल 62.83 प्रतिशत, ऊन चीनी मिल 78.54 प्रतिशत और थानाभवन चीनी मिल द्वारा 63.96 प्रतिशत भुुगतान कर पाई है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने चीनी मिलों की बकाया भुुगतान की समीक्षा के बाद थानाभवन चीनी मिल की आरसी की संस्तुति करते गन्ना आयुक्त को रिपोर्ट भेजी थी। तीन सप्ताह के बाद बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल के खिलाफ आरसी जारी नहीं हो पाई है।
इस बीच कई बार जिलाधिकारी ने भी मिल प्रबंधनों के साथ मीटिंग कर लीं तथा गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा भी मीटिंग कर चुके हैं। जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती का कहना है कि चीनी मिलों को जून माह मे समस्त बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ बैठक तक सीमित हैं राज्यमंत्री : सुधीर पंवार
शामली। सपा नेता डॉक्टर सुधीर पंवार का कहना है कि गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा किसानों का बकाया भुगतान कराने में विफल रहे है। वह चीनी मिलों के मालिकों एवं अफसरों के साथ बैठकों तक सीमित हैं। यदि प्रदेश में सपा की सरकार बनती, तो अभी तक किसानों का चीनी मिलों से बकाया भुुगतान करा दिया जाता।
चीनी मिलों की बकाया भुगतान की स्थिति
चीनी मिल भुगतान धनराशि धनराशि बकाया।
शामली 200 करोड़ 118.30 करोड़ रुपये
थानाभवन 211.39 करोड़ 120.70 करोड़ रुपये
ऊन 106 करोड़ 29.11 करोड़ रुपये