आरके पीजी कॉलेज में बीएससी कृषि और विज्ञान में दाखिले की मारामारी मची हुई है। सीटें भरने के बाद भी सैकड़ों छात्र-छात्राएं दाखिले से वंचित रह गए थे। इसके बाद दोनों वर्ग में 100 सीटें बढ़ा दी गई है। बुधवार को कॉलेज में दाखिले के लिए मारामारी मच गई। जबकि बीएससी कृषि में पहले दिन ही सभी सीटें भर गई।
बड़ौत को छोड़कर शहर का आरके पीजी कॉलेज आसपास के जनपदों में अकेला कृषि महाविद्यालय है, जहां पर बीएससी कृषि में दाखिला लेने के लिए कश्मीर, लखीमपुर खीरी, हरियाणा और पंजाब के छात्र भी दाखिला लेने आते हैं. जिसमें अबकी बार भी 120 सीटों के सापेक्ष लगभग 1900 आवेदन पत्र भरे गए थे। सीटें भरने के बाद भी 1800 छात्र दाखिले से वंचित रह गए। बीएससी विज्ञान में भी काफी छात्र छात्राएं दाखिले से वंचित रहे। 21 अगस्त को कॉलेज में आए यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर एनके तनेजा से कॉलेज सचिव व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन देकर दोनो वर्गों में एक-एक सेक्शन बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने मांग मानते हुए मंगलवार को बीएससी कृषि में 40 सीटें, बीएससी बायो में 40 और सांख्यिकी में 20 सीटें बढ़ा दी है। वहीं विजय सिंह पथिक कैराना में भी गणित में 40 सीटें बढ़ाई है। बुधवार को कॉलेजों में तीसरी ओपन मेरिट से दाखिला प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
बीएससी कृषि में पहले दिन ही दाखिले के लिए कॉलेज में मारामारी मच गई, जिसकी मेरिट सभी वर्गों में 64.1 प्रतिशत से नीचे नहीं आई। पहले दिन ही 7 एससी की सीटों को छोड़कर सभी सीटें भर गई। जिसके बाद भी सैकड़ों छात्रों को मायूस होकर लौटना पड़ा। एससी के छात्र न आने पर अन्य वर्ग में दाखिले किए जाएंगे। वहीं, बायो में पहले दिन 12 दाखिले हुए, सांख्यिकी में कोई दाखिला नहीं हुआ। विजय सिंह पथिक कैराना में बीएससी गणित में पहले दिन कोई दाखिला नहीं हुआ। 40 सीटें अभी खाली ही है। बृहस्पतिवार को दाखिले का आखिरी दिन है। यूनिवर्सिटी दाखिले की डेट बढ़ा दे वह अलग बात है।