जिला उपभोक्ता फोरम ने सेवा में लापरवाही के कारण ऊन क्षेत्र की ओम पैथोलॉजी लैब पर 71, 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि आरोपी पक्ष को एक महीने में फोरम में जमा करनी होगी।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में ऊन तहसील क्षेत्र के ढ़िढ़ाली निवासी अमन पाल और सुनील कुमार ने ऊन कस्बे में डॉक्टर सोमपाल व ओम पैथोलॉजी लैब और डॉक्टर धीरज सिंह को आरोपी बनाकर एक वाद दायर किया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी की सेवा में लापरवाही के कारण अनावश्यक खर्च करना पड़ा। पीड़ित पक्ष ने दो लाख रुपये व अधिवक्ता का नोटिस खर्च 1500 रुपये, परिवाद योजित के तिथि से 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिलाए जाने की मांग की थी। वाद में डॉक्टर धीरज सिंह ने स्वयं को पैथोलॉजिस्ट के लिए सक्षम होना नहीं बताया है। पैथोलॉजिस्ट की शिक्षा से पूर्व एमबीबीएस कोर्स के अभिलेख दाखिल नहीं किए। पीड़ित द्वारा जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना 14 नवंबर 2016 के तहत डॉक्टर हरपाल सिंह चिकारा को लैब संचालित करने की नियमानुसार अनुमति नहीं है। डीएमएलटी डिग्री धारक पैरामेडिकल को अपने नाम के साथ डॉक्टर लिखने का वैधानिक अधिकार नही है। फोरम ने वाद को स्वीकार कर चेयरमैन एसके एस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने सुनवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर धीरज सिंह को वाद क्षतिपूर्ति के लिए 70 हजार रुपये, वाद व्यय 1500 रुपये कुल मिलाकर 71,500 रुपये का भुगतान एक माह में फोरम में जमा करने का फैसला सुनाया है। फोरम ने डीएम और सीएमओ को आदेश दिए हैं कि वह जिले में संचालित होने वाली पैथोलॉजी लैब की सूची बनाकर जांच कर रिपोर्ट दें कि सभी लैब एमसीआई के तहत पंजीकृत हैं या नहीं। इस संबंध मे एक माह में इस पीठ के सम्मुख जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।