यमुना खादर क्षेत्र में खनन माफिया की वजह से कई जगह तटबंध क्षतिग्रस्त होने लगा है, तो यमुना नदी किनारे गहरे गड्ढे होने से बरसात के दिनों में बाढ़ का खतरा भी गहराने लगा है। वहीं, गांव मंडावर में सोमवार को ही रेत के ओवरलोड डंपर की टक्कर लगने पर विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
कैराना क्षेत्र में बसेड़ा यमुना घाट पर पांच साल के लिए रेत खनन का पट्टा छोड़ा गया था। इसके अलावा भी कुछ प्वाइंट का पट्टा है। रेत खनन की पूरी नियमावली बनाई गई है, लेकिन उसका पालन नहीं हो पा रहा है। जेसीबी और पॉकलेन मशीनों से रेत खनन होता है, तो ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियों में ओवरलोड रेत लादकर ढोया जा रहा है। यही वजह है कि कैराना क्षेत्र में बसेड़ा खनन प्वाइंट से आने वाले ओवरलोड वाहनों की वजह से यमुना तटबंध भी क्षतिग्रस्त हो गया है। यह हाल मोहम्मदपुर राई और अन्य क्षेत्रों में भी बना हुआ है। इसी तरह झिंझाना क्षेत्र में भी ओवरलोड वाहनों की वजह से यमुना तटबंध की सड़क का हाल बेहाल हो रहा है।
उधर, सोमवार को गांव मंडावर में रेत के ओवरलोड डंपर की टक्कर खंभे में लगी, जिस कारण लाइन भी टूट गई। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए डंपर चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि एक माह पूर्व बसेड़ा में रेत के ओवरलोड डंपर की टक्कर लगने से तीन खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिस कारण कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कैराना कोतवाली में अज्ञात रेत डंपर चालकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
ग्रामीणों की पीड़ा
- गांव खुरगान निवासी अकरम ने बताया कि उनके गांव के बीच से रात में रेत से लदे 100 से अधिक डंपर और ट्रैक्टर ट्राली गुजरती हैं। कई बार खनन अधिकारी से शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। सालिम का कहना है कि कि रेत के ओवरलोड वाहनों के कारण तटबंध के साथ ही गांव की सड़क भी टूट गई। रूकमदीन ने बताया कि गांव के बच्चे सड़कों पर खेलते हैं, लेकिन रेत लदे वाहन गांव के बीच से तेजी से गुजरने के कारण हादसे की आशंका रहती है। जहूर हसन ने बताया कि गांव की सड़कों पर हर समय रेत के ओवरलोड वाहन दौड़ते रहते है। तटबंध टूट गया, जिस कारण बरसात के सीजन में बाढ़ आने का खतरा बन गया है। यासीन ने बताया कि खनन अधिकारी गांव में आते रहते है। कई बार उनसे शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अय्यूब ने बताया कि उनका घर सड़क किनारे है। रात में रेत के वाहनों की आवाजें आने के कारण परिवार के लोग चैन से सो भी नहीं पाते हैं।
ग्राम प्रधान भी परेशान
खुरगान गांव के प्रधान असलम का कहना है कि गांव की सड़के धंस गई हैं। रेत के वाहनों का रास्ता यमुना तटबंध से यमुना पुल के रास्ते था, लेकिन अब गांव के बीच से गुजर रहे है। कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ, जिससे समस्या बढ़ रही है।
वर्जन
समय समय पर चेकिंग की जा रही है। रेत के ओवरलोड चार वाहन सोमवार को ही सीज किए गए हैं। प्रत्येक वाहन पर 25 हजार रुपये से अधिक जुर्माना होगा। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। - ब्रजेश गौतम, खनन अधिकारी