गांव खंद्रावली में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। कथा व्यास बाल साध्वी राधा देवी ने भगवान विष्णु के अवतार के कई प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति करने वाले भक्तों के कष्ट दूर करने के लिए ही भगवान नारायण अवतरित होते हैं।
महामंडलेश्वर भैय्या दास जी महाराज के सानिध्य में दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रारंभ होने से पूर्व गांव की महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा का गांव में जगह जगह स्वागत किया गया। मंदिर परिसर से शुरू हुई कलशयात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। दोपहर दो बजे प्रवचन कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान कथा व्यास बाल साध्वी राधा देवी ने बताया कि भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लेकर बाल्यकाल में ही ऋषि मुनियों को राक्षसों से मुक्ति दिलाई, तो केवट और सबरी का भी उद्धार किया। फिर श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित होकर अपने भक्तों के कष्टों को दूर किया। यदि कोई सच्चे मन से भक्ति करता है, तो ईश्वर उसके कष्ट को दूर करने जरूर आते हैं। कथा के दौरान मुख्य यजमान देवेंद्र चौहान रहे। वहीं, इस दौरान दुर्गा मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश चौहान के अलावा सुधीर मुखिया, डाक्टर तीरथ सिंह, बिट्टू, कुलदीप, महेंद्र, प्रमोद, अंकुर, विनोद, अनिल, ईश्वरपाल, नरेंद्र, मुकेश, सरोज, सावित्री, रजनी, बाला, सोहनबीरी, राजेश, सरिता आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।