शामली। बिजली बिलों में पांच सौ रुपयेे की पुरानी करेंसी बंद होने के बाद नलकूपों के लिए लागू की गई ओटीएस स्कीम में पंजीकरण की जबरदस्त गिरावट आई है। शुक्रवार को मात्र 74 किसानों का ही पंजीकरण हो सका। पांच सौ रुपये के नोट बिजली बिल में 15 दिसंबर तक स्वीकार किए जाने पर बिजली विभाग को 19.76 करोड़ रुपये की बिल के रूप में वसूली हो पाई है।
पांच सौ रुपये बिजली बिल में स्वीकार किए जाने की 15 दिसंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। नलकूप वाले किसानों के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने दो दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक ओटीएस स्कीम लागू की है।
इसमें पुरानी करेेेंसी के पांच सौ रुपये का नोट लिए जाने से प्रतिदिन 242 पंजीकरण हो रहे थे। पांच सौ रुपये की पुरानी करेंसी 15 दिसंबर की मध्यरात्रि बारह बजे बंद हो गई है।
शुक्रवार को पुरानी करेंसी बंद हो जाने के बाद ओटीएस योजना में नलकूप किसानों के पंजीकरण में जबरदस्त गिरावट आई है। पूरे दिन में नलकूप किसानों के मात्र 74 पंजीकरण हो पाए हैं। पावर कारपोरेशन निगम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुरानी करेेेेंसी में ओएटीएस स्कीम में नलकूप किसानों के 242 पंजीकरण प्रतिदिन हो जाते थे।
आज पूरे दिन में पात्र 74 पंजीकरण हो पाए हैं। किसानों पर नई करेंसी न होने से वसूली दर में गिरावट आई है। चौदह दिन में 1180 पंजीकरण से 1.12 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है।
उन्होंने बताया कि जिले के 28 हजार नलकूप किसानों पर 84 करोड़ रुपये बकाया हैं। योजना में मात्र पंद्रह दिन बचे हैं। ओटीएस योजना में वसूली का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है।