शामली। जिले की गन्ना समिति में 601 बकायदार किसानों के लिए शासन ने एक मुश्त समाधान योजना लागू की है। यह योजना 14 अगस्त तक लागू रहेगी।
जिले की शामली, थानाभवन, ऊन गन्ना विकास समितियां किसानों को खाद, बीज, दवाई उधार देकर बकाया गन्ना भुगतान से समिति धनराशि कटौती कर लेती हैं। सालों से जिले की समितियों पर 601 किसान ऐसे हैं जिनमें मूलधन 20 लाख 37 हजार बकाया है। ऐसे किसानों पर मूलधन पर 43 लाख दो हजार रुपये ब्याज की धनराशि हो गई है। किसान सालों से समितियों में न तो मूलधन और नहीं ब्याज की धनराशि जमा करा रहे हैं। गन्ना समितियों के रिकार्ड के अनुसार शामली सहकारी गन्ना विकास समिति मेेेें 456 बकायादार किसान हैं। जिन पर सात लाख रुपये मूलधन बकाया, 23 लाख 13 हजार ब्याज, थानाभवन गन्ना सहकारी समिति के 92 बकायादार किसानों पर दो लाख 26 हजार मूलधन बकाया, पांच लाख 71 हजार रुपये मूलधन से ज्यादा ब्याज व ऊन गन्ना सहकारी समिति के 53 बकायादारों पर 11 लाख 11 हजार रुपये मूलधन पर 14 लाख 18 हजार रुपये ब्याज पहुंच गया है। जिले की सहकारी गन्ना समितियों शामली, ऊन, थानाभवन पर 20 लाख 37 हजार रुपये मूल धनराशि कर्ज पर के रूप में 43 लाख दो हजार रुपये ब्याज बढ़ गया है।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि ऐसे डिफाल्टर किसान जो लंबे से न ही मूलधन राशि जमा कर रहे हैं, नहीं ब्याज समिति कार्यालयों में जमा कर रहे हैं। ऐसे किसानों के लिए गन्ना विभाग एक मुश्त समाधान योजना लेकर आए हैं। पिछले एक साल से लेकर 30 जून तक समाधान योजना लागू की थी। गन्ना विभाग ने एक मुश्त समाधान योजना को 14 अगस्त तक लागू कर दिया है। इसमें शामली गन्ना विकास समिति में 51, थानाभवन गन्ना समितियों 28, ऊन गन्ना सहकारी समिति में तीन किसानों का निस्तारण हो चुका है। उधर, शामली गन्ना सहकारी समिति के सचिव मुकेश राठी ने बताया कि लागू योजना में डिफाल्टर किसान गन्ना समितियों में सचिव और सुपरवाइजरों से संपर्क करके इसका लाभ उठा सकते हैं।
समिति बकायेदार किसान- मूलधन, ब्याज धनराशि
1. शामली- 456 - 7 लाख रूपये- 23 लाख 13 हजार रुपये
2. थानाभवन- 12- 2 लाख 26 हजार- 5 लाख 71 हजार रुपये
3. ऊन - 53 - 11 लाख 11 हजार- 14 लाख 18 हजार रुपये
कुल किसान- 601 --- 20 लाख 37 हजार- 43 लाख 2 हजार रुपये