कैराना के मोहल्ला ईदगाह रामड़ा मार्ग पर गिरी मकान की छत।
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शामली के कैराना में बारिश के कारण छत में डाला गया गाटर टूटने से छत भरभराकर गिर गई। छत के मलबे के नीचे दबकर एक महिला और उसके बेटे की मौत हो गई, जबकि पति, दूसरा बेटा घायल हो गया। सूचना पर डीएम-एसपी ने घटना स्थल का मुआयना किया और जानकारी ली। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
मोहल्ला ईदगाह रामड़ा रोड निवासी यूनुस बागवां रिक्शा चलाता है। यूनुस ने अपने मकान में ईंटों और मिट्टी से एक कमरा बना रखा है। सोमवार दोपहर डेढ़ बजे जैसे ही बारिश शुरू हुई तो कमरे की छत में कड़ियों के नीचे लगा गाटर टूट गया। जिसके बाद पूरी छत भरभराकर गिर गई। छत के मलबे में यूनुस, उसकी पत्नी नाजमा (46), बेटा मुरसलीन (13) और दूसरा बेटा (10) समीर दब गए। छत गिरने की आवाज पर मोहल्ले में चीखपुकार मच गई। सैकड़ों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गई और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू हो गया। करीब आधा घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने मलबे के नीचे से यूनुस की पत्नी नाजमा व बेटे मुरसलीन को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
इसके बाद यूनुस और उसके दूसरे बेटे समीर को बाहर निकाला। दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उनको बाहर रेफर कर दिया। सूचना पर एसडीएम सुरजीत सिंह, सीओ राजेश कुमार तिवारी, कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह, तहसीलदार रणबीर सिंह मौके पर पहुंच गए तथा पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी दिनेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उधर, देर शाम एसडीएम सुरजीत सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत रिपोर्ट तैयार कराई गई है। पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है।
चंद मिनटों में बिखर गया यूनुस का परिवार
शामली/कैराना। मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले यूनुस का परिवार एक झटके में बिखर गया। घर बैठे आई मौत ने उसकी पत्नी और एक बेटे को निगल लिया। यूनुस को सदमा ऐसा लगा कि वह कुछ बोल नहीं पाया। मोहल्ला रामड़ा रोड निवासी यूनुस के पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। उसके दो बेटे काम से बाहर गए हुए हैं। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय यूनुस अपनी पत्नी, तीन बेटों और बेटी के साथ घर पर मौजूद था। हादसे के बाद पत्नी और बेटे के शव को देखकर वह सहम गया। अपना दुख भूल गया। घायल युनुस बेबसी में अपनी पत्नी और बेटे के शव को देखता, लेकिन कुछ बोल नहीं पाया। वहीं यूनुस के मकान की छत गिरने और परिवार के दबने की सूचना जैसे ही मोहल्ले में लगी तो सैकड़ों की संख्या में लोग मौके ओर दौड़ पड़े। लोगों ने मदद की तथा राहत कार्य शुरू कर दिया। तब जाकर यूनुस और उसके बेटे की जान बच सकी। हादसे के बाद मोहल्ले में कोहराम मच गया और शोक छा गया।