थानाभवन। कहते हैं एक मां लाड़ले के लिए अपने आंचल में दुनिया भर की ममता समेट देती है, लेकिन आज एक मां को अपने हक के लिए संतान को भी जमीन पर लिटाना पड़ गया। यह मामला रविवार को ऐच्छिक ब्यूरो की सुनवाई दौरान देखने को मिला।
मोमिना पुत्री अतीक निवासी शाहविलायत की शादी छह वर्ष पूर्व कस्बे के ही दिलशाद निवासी ईदगाह के साथ हुई थी। इससे मोमिना को एक पांच साल व दूसरी एक साल की संतान है। पिछले कुछ महीनों से घरेलू विवाद के कारण मोमिना की सुनवाई ऐच्छिक ब्यूरो में चल रही है। इसके चलते उसको हर रविवार को ऐच्छिक ब्यूरो में सुनवाई के लिए आना पड़ता है। सुनवाई में मोमिना का पूरा दिन लग जाता है। इस दौरान दिनभर बच्चों की देखरेख करने वाला घर में कोई नहीं है। जिस कारण मजबूरी में मोमिना को दोनों बच्चों को लेकर नगर पंचायत कार्यालय स्थित ऐच्छिक ब्यूरो आना पड़ता है। रविवार को जब वह पहुंची तो, जैसे ही उसकी सुनवाई का नंबर आया तो उसने पांच साल के बेटे को नगर पंचायत में जगह न मिलने पर जमीन पर ही लिटा दिया और उसे दूध की बोतल देकर छोटे बच्चे को सीने से लगाकर सुनवाई में चली गई। मोमिना ने बताया कि उसे पिछले कुछ दिनों से हर सुनवाई में आना पड़ रहा है और वह मजबूरी में बच्चे को नीचे लिटाना पड़ता है।