शामली। कृषि विज्ञान केंद्र शामली की 8.5 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा लिए जाने की रिपोर्ट केंद्र सरकार चली गई है। इसी माह 17 मार्च को शामली सहित पांच कृषि विज्ञान केंद्रों का शिलान्यास दिल्ली में होगा। शिलान्यास होने के बाद इसी वित्तीय वर्ष में कृषि विज्ञान केंद्र का बजट एवं पदों का सृजन करके नई तैनाती का रास्ता साफ हो जाएगा।
काफी समय से शामली जिले में कृषि विज्ञान केंद्र स्थापना की कवायद चल रही थी। बाबरी क्षेत्र के गांव जलालपुर में कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के कृषि फार्म की भूमि को कृषि विज्ञान केंद्र के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से टीम ने शामली आकर भूमि का निरीक्षण किया था। इसके बाद 17 फरवरी को बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डाक्टर पीके सिंह ने डीएम शामली इंद्र विक्रम सिंह से मिलकर भूमि को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कराई थी। वहीं, मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक अवध नारायण सिंह, निदेशक (प्रसार) एसके सचान और बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डाक्टर पीके सिंह एवं डाक्टर श्रीपाल राणा ने 21 फरवरी को 8.5 हेक्टेयर भूमि का कब्जा लेकर शामली कृषि विज्ञान केंद्र के नाम से खसरा खतौनी में दर्ज कराई थी।
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार एसके सचान ने बताया कि शामली कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि हस्तांतरित और कब्जा लेने की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है। वेस्ट यूपी के शामली, संभल, अमरोहा, बदायूं, हापुड़ कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि हस्तांतरित हो गई हैं। सभी नए कृषि विज्ञान केंद्रों का दिल्ली में 17 मार्च को शिलान्यास होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने की संभावना भी है। उन्होंने बताया कि इसी वित्तीय वर्ष में शामली कृषि विान केंद्र के लिए बजट मिल जाएगा। बजट के साथ कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों- कर्मचारियों की तैनाती घोषित हो जाएगी।
23 मार्च से होगा बेमियादी धरना
शामली। उच्च शिक्षा विचार मंच के संयोजक जयवीर सिंह कुड़ाना ने बताया कि शामली में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर 23 मार्च को सुबह 11 बजे शहर के सुभाष चौक पर धरना- प्रदर्शन किया जाएगा। शामली में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।