जिला पंचायतराज अधिकारी नरेशचंद ने कई गांवों में पहुंचकर परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान महरमपुर गांव के प्राइमरी पाठशाला के कमरे की छत खस्ता हालत में मिली। सिलावर ग्राम के उच्च प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर को छोड़कर अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एक कमरे में गपशप करते मिले। विद्यालय में रोपित पौधो को ट्रैक्टर चलाकर उखाड़ दिया गया है।
डीपीआरओ नरेशचंद ने बताया कि प्राइमरी पाठशाला करोड़ी, उच्च प्राथमिक विद्यालय करोड़ी, प्राथमिक विद्यालय महरमपुर, जूनियर हाईस्कूल सिलावर एवं प्राइमरी पाठशाला नंबर एक का निरीक्षण किया। महरमपुर गांव के प्राइमरी पाठशाला के एक कमरे की छत खस्ता हालत में मिली। सिलावर उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में सिर्फ हेड मास्टर पढ़ाते मिले, जबकि अन्य शिक्षक- शिक्षिकाएं एक कमरे में गपशप कर रहे थे। हेड मास्टर ने बताया कि विद्यालय में कराए गए पौधों को गांव के कुछ लोगों ने ट्रैक्टर चलाकर उजाड़ दिया है। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों में मिड-डे मील में रोटी, सब्जी, केले का वितरण किया गया। गांव करोड़ी में ड्रेस वितरित किया गया। सभी विद्यालय में शौचालयों की व्यवस्था सही मिली। धनेना गांव में ग्राम प्रधान द्वारा 57 लोगों के नए शौचालय बनाए जाने की मांग की है। डीपीआरओ ने बताया कि सीडीओ के माध्यम से विद्यालयों की निरीक्षण रिपोर्ट डीएम व बीएसए को भेजी जा रही है।
सफाईकर्मियों को प्रतिदिन गांव में रहना होगा
शामली। डीपीआरओ ने बताया कि जिले के गांवों में तैनात प्रत्येक सफाईकर्मियों को सुबह सात बजे से लेकर दो बजे तक ड्यूटी पर रहना होगा। गांव में तैनात सफाईकर्मियों के गैर हाजिर रहने पर उनका मानदेय काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि सफाईकर्मियों को गली-मोहल्लो के लोगों से उपस्थिति के लिए हस्ताक्षर कराने होंगे। वेतन के लिए सफाई कर्मियों को प्रधान के हस्ताक्षर ग्राम पंचायत सचिव व एडीओ से सत्यापित कराना होगा। सत्यापन नहीं कराने वाले सफाई कर्मियों का मानदेय रोका जाएगा।