बिडौली। सरकार भले ही बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के दावे करती हो लेकिन जिले के 16 गांव अभी भी बस सेवा से वंचित हैं। ग्रामीणों को निजी वाहन, ट्रैक्टर ट्राली तथा पैदल सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को क्षेत्र के गांव में बसों का संचालन करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आज तक बसे नहीं चल पाई हैं।
थाना क्षेत्र के गांव वेदखेड़ी, रोटन, अशरफपुर, शिवनगर, बीबीपुर, मंगलपुर, अशरफपुर पुरबिया, डोगपुरा, बरनावी, बलहेड़ा, चौतरा, फतेहपुर, ख्वाजपुरा, ओदरी, तिसंग, दभेदी आदि गांव में बसों का संचालन न होने से लोग अपने निजी वाहन तथा पैदल सफर करने पर मजबूर हैं। वेदखेड़ी निवासी यामीन का कहना है कि क्षेत्र में बसों का संचालन न होने से निजी वाहन या पैदल चलने को मजबूर हैं। इससे आर्थिक खर्चा बढ़ता है।
गांव ख्वाजपुरा निवासी ग्राम प्रधान नासिर अली का कहना है कि बसों का संचालन न होने से क्षेत्र के गरीब मजदूर तबके के बच्चे अक्सर बड़े स्कूलों में जाने से वंचित हैं।
इरफान अली निवासी बरनावी ने बताया कि झिंझाना से गांव बरनावी तक करीब 5 किलोमीटर का मार्ग पिछले 20 वर्षों से नहीं बना है। बसों का संचालन तो दूर की बात है। यहां पर छात्र अपने स्तर से स्कूलों जाते हैं। डोगपुरा निवासी सुमित चौहान प्रधान का कहना है कि क्षेत्र में बसों का संचालन न होने से क्षेत्र अति पिछड़ा है। सरकार को चाहिए कि दर्जनों गांव में बसों का संचालन कर उन्हें भी मुख्य धारा से जोड़ा जाए।ं
बिडौली में बसों के संचालन से सम्बधित परिचर्चा फोटो सुमित चौहान ।
बिडौली में बसों के संचालन से सम्बधित परिचर्चा फोटो सुमित चौहान ।
बिडौली में बसों के संचालन से सम्बधित परिचर्चा फोटो सुमित चौहान ।