कैराना। बड़ौत-छपरौली मार्ग पर हादसे में हुई सगे भाई और उनके चाचा की मौत के बाद बृहस्पतिवार को तीनों शव कैराना में रहमतनगर कालोनी में पहुंचे। एक साथ तीन जनाजे उठे, तो परिवारों में कोहराम मच गया।
बुधवार शाम जनपद बागपत के बड़ौत-छपरौली मार्ग पर स्थित गांव हलालपुर के निकट बाइक सवार राजमिस्त्री नईम, उसका सगा भाई नदीम पुत्रगण नौशाद और उनके चाचा सोनू पुत्र हबीब निवासी मोहल्ला रहमतनगर कॉलोनी झाड़खेडी रोड कैराना को कार चालक ने टक्कर मार दी थी। वह तीनों भवन निर्माण का कार्य करके घर लौट रहे थे। हादसे में तीनों की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम होने के बाद तीनों के शव रहमतनगर कालोनी लाए गए। शव पहुंचते ही परिवारों में कोहराम मच गया तथा कालोनी में मातम पसर गया। दोपहर लगभग दो बजे एक साथ तीन जनाजे उठने पर परिवार की महिलाएं रोने लगीं। इसके बाद मोहल्ला दरबारखुर्द रेतावाला में स्थित गोर-ए-गरीबां कब्रिस्तान में तीनों के सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए।
शादी से पहले ही हो गई नदीम की मौत
सड़क दुर्घटना में मरने वालों में सोनू ही शादीशुदा था, उसके दो मासूम बेटियां हैं, इन्हें अभी दुनियादारी के बारे में कुछ भी पता नहीं है। नदीम व नईम अभी अविवाहित थे। पड़ोसी बताते हैं कि नदीम का रिश्ता मुजफ्फरनगर निवासी युवती से तय हो गया था, दो दिन बाद उसकी शादी की तिथि निर्धारित करने के लिए जोड़ा भी आना था, लेकिन इससे पहले ही उसकी हादसे में मौत हो गई।
सहारा खत्म, मुआवजे की दरकार
मृतक दोनों सगे भाई नदीम व नईम राज मिस्त्री का काम कर अपने परिवार का सहारा थे। परिवार इन दोनों भाइयों पर ही निर्भर था। बाकी परिवार में एक बहन हैं और दो छोटे भाई। जबकि सोनू की पत्नी विधवा हो गई। उसके दो बेटियां छोटी-छोटी हैं, जिनका सभी सहारा खत्म हो गया है। ऐसे में परिवार को सरकार से मुआवजे की दरकार है।