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ब्जी की मंदी ने तोड़ी किसानों की कमर

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सब्जी की मंदी ने तोड़ी किसानों की कमर
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शामली। मंडियों में आवक बढ़ने से सब्जियों में जबर्दस्त मंदी आ गई है। कई सब्जियों के भाव तो दो से पांच रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। हरी सब्जियों की सबसे ज्यादा दुर्गति हुई है। किसान परेशान हैं । उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है।
शहर की सब्जी मंडी में इन दिनों हरी सब्जियों की जबर्दस्त आवक है। लौकी, पालक, मूली, पपीता, बैंगन मेथी आदि हरी सब्जियां काफी अधिक मात्रा में आ रही है। आवक अधिक होने की वजह से माल के खरीदार नहीं मिल रहें हैं, जिस कारण सब्जियों के भाव में जबर्दस्त मंदी आ गई है। नतीजतन सभी के दाम तेजी से गिरे हैं। अब से एक सप्ताह पहले 15 रुपये बिकने वाला धनिया पांच से आठ रुपये किलो पर आ गया है। मेथी 12 रुपये से चार रुपये आ गई है। करीब करीब सभी तरह की सब्जियों का यही हाल है। आढ़तियों का कहना है कि इन दिनों हरी सब्जियां अधिक आ रही है, जबकि लिवाली उतनी ही है। मंदे में लिवाली भी कम हो जाती है इसी वजह से मंदा है। दूसरी सब्जियां भी काफी मंदी हैं। अगले कुछ दिनों तक यही मंदा रहने की उम्मीद है।
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खर्चा भी पूरा नहीं होगा
गोहरनी के किसान सरदारा ने बताया कि उसने मेथी, पालक बोया है। इनके रेट इतने मंदे हैं कि मोटा नुकसान होता नजर आ रहा है। मेथी के तीन रुपये से चार रुपये किलो मांग रहे हैं। ऐसे में कहां से खर्चा पूरा होगा।
क्या करें जो भाव है बेचना पड़ेगा
शामली के रेलपार निवास सरदारा ने बताया कि सब्जी ऐसी चीज है, खेत में तैयार होते ही बेचनी पड़ती है। भाव चाहे जो भी हो। मंडी में हरी सब्जियों की इतनी मंदी है कि इस बार लागत पूरी होती भी नजर नहीं आ रही। मोटा नुकसान होने का डर सता रहा है।
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मजदूरी निकलनी भी मुश्किल
सब्जी मंडी में अपनी मेथी बेचने आए मुंडेट कला के किसान विनोद का कहना था कि उनकी मैेथी के तीन और चार रुपये किलो मिले हैं। वे चार लोग खेत किराए पर लेकर काम करते हैं। इन भाव में लागत तो दूर उनकी मेहनत की मजदूरी भी निकलनी मुश्किल है।
शामली मंडी के सब्जियों के थोक भाव
सब्जी भाव मंडी प्रति किलो
मेथी 3
पालक 4
मूली 2
बैंगन 4
गोभी 5
कच्चा पपीता 5
लौकी 5
धनिया 6-9
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