केंद्र सरकार के पैकेज से मिलेगा किसानों को फायदा
शामली।
केंद्र सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति में सुधार के लिए आठ हजार करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाभ चीनी मिल मालिकों के साथ ही गन्ना उत्पादक किसानों को भी मिलेगा।
कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया। चूंकि शामली जिले में भी विपक्षी राजनीतिक दलों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को चुनावी मुद्दा बनाया था। वहीं, चीनी बिक्री को निर्धारित किए जाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर चीनी मिल मालिकों ने भी अगले पेराई सत्र में मिलों के संचालन पर संकट बताया था। इसी के चलते केंद्र सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान सहित अन्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आठ हजार करोड़ रुपये का पैकेज देने का फैसला लिया। केंद्र सरकार के इस फैसले के बारे में किसानों का कहना है कि गन्ना मूल्य भुगतान मिलेगा, तो अच्छा रहेगा। क्योंकि भुगतान समय पर नहीं होने की वजह से काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
कसेरवा निवासी मदन ने कहा कि केंद्र सरकार को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और शादियों के खर्च की दिक्कत भी रहती हैं। वहीं, गांव रंगाना निवासी जयप्रकाश का कहना है कि केंद्र सरकार ने जो पैकेज दिया है, उसमें बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की क्या स्थिति रहेगी, अभी पता नहीं है। उम्मीद है कि किसानों को भुगतान मिलेगा, तो समस्या दूर होगी। वहीं, गांव सल्फा निवासी चांदबीर तथा गांव मोहम्मदपुर निवासी जितेंद्र का कहना है कि केंद्र सरकार का प्रयास सराहनीय है, लेकिन शुगर मिल मालिकों पर भी शिकंजा कसना चाहिए ताकि गन्ना मूल्य भुगतान में देरी न की जाए।
चीनी मिलों पर बकाया स्थिति
जनपद में तीन चीनी मिलें हैं। इनमें से अपर दोआब शुगर मिल शामली पर 223 करोड़ रुपये, ऊन शुगर मिल पर 128 करोड़ रुपये और थानाभवन शुगर मिल पर 186 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 537 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है।
किसानों को फायदा मिलेगा- राणा
शामली। प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की समस्याओं को समझा। आठ हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि 30 लाख मीट्रिक टन चीनी का बफर स्टॉक करने से बाजार में चीनी के दाम में वृद्धि होगी। खपत और क्रय का संतुलन बनेगा। इससे किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान करने में आसानी होगी। वैसे भी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बाजार के विपरीत हालात के बावजूद प्रदेश के किसानों को 22 हजार करोड़ रुपये का भुगतान हुआ, जो आजादी के बाद एक पेराई सत्र में अब तक का सबसे बड़ा भुगतान है।