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यमुना में फिर छोड़ा 13 हजार क्यूसेक पानी

Tue, 05 Jul 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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यमुना में बढ़ा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ों पर बारिश होने के बाद हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना का जलस्तर 1.25 मीटर बढ़ गया है। सोमवार को बैराज से छोड़ा गया 13 हजार क्यूसेक पानी शामली जिले में मंगलवार तक पहुंच जाएगा। उधर, यमुना किनारे के गांवों में अलर्ट जारी है। यहां निगरानी जारी है।
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पहाड़ों से आए पानी के कारण शनिवार को यमुना का जल स्तर बढ़ने लगा था। हथिनीकुंड ताजेवाला से यमुना नदी में छोड़े गए पानी का असर सहारनपुर, शामली, बागपत जिलों मे दिखने लगा है। पिछले 36 घंटों में कैराना में यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। सोमवार को शाम चार बजे तक कैराना यमुना पुल पर जलस्तर 228.83 मीटर रिकार्ड किया गया है।

कैराना यमुना नदी पर तैनात केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से लेकर सोमवार शाम चार बजे तक जलस्तर 1.16 मीटर बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को यमुना का अधिकतम जलस्तर 227.93 मीटर रिकार्ड किया गया था। सोमवार को शाम चार बजे यमुना नदी का जलस्तर 228.83 मीटर आंका गया है।
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उन्होंने बताया कि बीस सेमी. और यमुना के जलस्तर पर इजाफा होने की उम्मीद है। धीरे-धीरे बढ़े जलस्तर से अभी तटबंधों को नुकसान नहीं पहुंचा है। यमुना किनारे के गांव पहले से अलर्ट हैं। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार हथिनीकुंड ताजेवाला बैराज से सोमवार को सुबह छह बजे 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। छोड़ा गया पानी मंगलवार तक आ जाएगा।

एसडीएम कैराना रामवतार गुप्ता ने बताया कि फिलहाल यमुना में बाढ़ का खतरा टला हुआ है। एक लाख क्यूसेक पानी आने के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उधर, शामली में  यमुना  का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार की शाम छह बजे कैराना में   यमुना का जलस्तर 229 मीटर तक पहुंच गया है। लगातार पानी आने से तटबंधो का कटान शुरू होगया है। कटान के बाद यमुना मे मिट्टी जैसा पानी आना शुरू होगया है।
मंगलवार की सुबह तक पचास सेमी ओर पानी बढने की संभावना है।  डे्नेज खंड के अधिशासी अभियंता के पी सिंह ने बताया कि  लगातार पानी  बढ़ने से बाढ़ का खतरा अभी दूर है। लगातार पानी बढने व उतरने से यमुना तटबंधो के किनारे मिट्टी शुरू हो जाता है। पानी कम हो जाने के बाद ही कटान का पता चल जाएगा। मगर घबराएं नहीं।
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