अमर उजाला ब्यूरो
शामली। सिल्वर बेल्स स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला और अपराजिता अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने कहा कि मां के गर्भ में कदम रखते ही बेटियों पर हमले शुरू हो जाते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि बेटियां कम पैदा हों। यदि फिर बेटी ने जन्म ले लिया तो उसके खानपान, पढ़ाई, शौक, मनपसंद शादी करने में कटौती शुरू हो जाती है। इसलिए आज बेटियों को संकल्प के साथ ऊर्जावान बनने की जरूरत है। बेटियों को मन से मजबूत होने की जरूरत है कि वह दुनिया का प्रत्येक कार्य कर सकती हैं। यही नहीं, समाज में उनके ऊपर होने वाले अत्याचारों का उन्हें निडरता से डटकर सामना करने की जरूरत है। बेटियों, महिलाओं के इस संकल्प में पुलिस भी पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार है।
छात्राओं को संकल्प दिलाया
एसपी ने छात्राओं को हाथ ऊपर कराकर संकल्प दिलाया कि वे अन्याय के खिलाफ लडे़ंगी, शर्म और संकोच की मर्यादा में रहकर अपनी बात दुनिया के सामने रखूंगी, मैं अपनी चमक बिखेरकर अपने समाज और समाज का सम्मान बढ़ाकर रहूंगी। छात्राओं ने भी पूरे जोश के साथ यह संकल्प लेते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
कोई नंबर मांगे तो मेरा नंबर दे देना
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने शहर में आए दिन हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर सवाल पूछे। एक छात्रा के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि कोई उनसे उनका मोबाइल नंबर मांगे ओर परेशान करें तो वे उसे उनका मोबाइल नंबर दे देना। एक बार वो उनके पास उसका नंबर आ गया तो उसे अटलांटिका से भी ढूंढकर ले आऊंगा।
स्टेज पर पहली बार कांप गए थे पांव
एसपी ने कहा कि स्टेज पर छात्राओं को बेझिझक अपनी बात रखनी चाहिए। कहा कि जब वह पहली बार स्टेज पर बोलने के लिए गए थे तो पांच दिन तक रटी गई पूरी स्पीच भूल गए थे और उनके पांव कांपने लगे थे। बाद में इंजीनियरिंग के दौरान पहली बार स्टेज पर स्पीच दी थी, इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मैं भी किसान का बेटा हूं
एसपी ने कहा कि उन्होंने सभी से सफलता के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील करते हुए कहा कि वह स्वयं एक छोटे किसान के बेटे हैं। लेकिन, अपनी मेहनत, लग्न और एकाग्रता से आज यहां तक पहुंचे हैं। इसी तरह से प्रत्येक नागरिक कामयाबी छू सकता है।