फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का ब्यौरा फीड कराने में लापरवाही बरत रहे बैंक

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली कर्ज माफी योजना को लागू कराने में बैंक अधिकारी गंभीर नहीं हैं। पहले चरण में 22 जुलाई तक किसानों का ब्योरा एनआईसी के जरिये बैंक शाखाओं के लॉगिन बनाकर ऑनलाइन फीड किया जाना है, लेकिन उसमें लापरवाही बरती जा रही है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने इसकी समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रथम चरण में 22 जुलाई तक ही किसानों का ब्योरा ऑनलाइन फीड किया जाना है, जिसके बाद पोर्टल बंद हो जाएगा। लिहाजा किसानों का ब्योरा तेजी से फीड कराएं। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले बैंक शाखाओं के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। समीक्षा के दौरान बताया कि जिले के 104 बैंक शाखाओं में से अभी तक 77 शाखा ही एनआईसी के पोर्टल पर लॉगिन बनाकर सक्रिय हो सकी हैं। कुछ शाखा ऐसी भी हैं, जो शामली में स्थित हैं लेकिन ऑनलाइन पोर्टल में वह मुजफ्फरनगर जनपद में प्रदर्शित हो रही हैं। ऐसी बैंक शाखाओं को शामली से जोड़ने के लिए एनआईसी के नोडल अधिकारी से वार्ता की जाए।
विज्ञापन

पोर्टल पर फीड की गई बैंक शाखाओं के ब्योरे के मुताबिक 44,889 किसानों का ब्योरा कर्ज माफी का लाभ देने के लिए फीड किया जाना है, लेकिन बुधवार तक सिर्फ 11,936 किसानों का ही ब्योरा फीड हो सका, जो किसानों की संख्या के सापेक्ष सिर्फ 20.92 प्रतिशत है। कुछ बैंक अधिकारियों ने सर्वर डाउन होने और वेबसाइट व्यस्तता की वजह बताई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में गैर हाजिर रहने वाले बैंक अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इस दौरान अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

ऐसे मिलेगा किसानों को लाभ
कर्ज माफी योजना के तहत पात्र किसानों को लाभ दिलाने के लिए शासन के निर्देश पर जिला स्तरीय कमेटी का गठन हुआ है। 31 मार्च 2016 तक जितने भी लघु एवं सीमांत किसानों पर एक लाख रुपये तक का फसली ऋण है, वह माफ कर दिया जाएगा। 31 मार्च 2016 के बाद 31 मार्च 2017 के बीच इस श्रेणी में आने वाले किसानों ने ऋण का जो पैसा जमा करा दिया है, उस पर लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि बचा हुआ ऋण ही माफ होगा।
विज्ञापन


यह समस्याएं आ रही सामने
बैंकों की तरफ से पूर्व में एक लाख रुपये तक ऋण लेने वाले किसानों का ब्योरा शासन को भेजा गया था। इनमें ऐसे भी गांव के किसान शामिल हैं, जिनमें चकबंदी चल रही है। उदाहरण के तौर पर कुड़ाना गांव में चकबंदी चल रही है, जिस कारण इस गांव के किसानों की लघु एवं सीमांत किसानों के हिसाब से श्रेणी निर्धारित नहीं हो पा रही है। इसके अलावा भी कई गांव जिले के ऐसे ही हैं।

बैंकों की स्थिति
बैंक ------------ शाखाएं ------- पात्र किसान ----- फीड ब्यौरा
पीएनबी -- 20 ---------------- 15241 --- ----- 3510
ओबीसी -- 9 --------------- 7970 ----- 2887
सर्वयूपी ग्रामीण बैंक -- 12 --- 5236 --- 1293
एसबीआई ---- 2 --------- 1092 --- 60
इंडियन बैंक --- 6--- 3410 --- 439
इलाहाबाद बैंक -- 4 --- 3274 --- 588
कॉपरेटिव बैंक --- 10 --- 3583 --- 2000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें