डिग्री कॉलेजों में यूजी ट्रेडिशनल कोर्सों में दाखिला प्रक्रिया शुरू होनी है। जनपद में पंजीकरण के हिसाब से लगभग 22 हजार से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं को महंगी फीस की मार झेलनी पडे़गी। क्योंकि इन छात्र-छात्राओं को जनपद से बाहर के कॉलेजों या प्राइवेट कॉलेजों में दाखिला कराना पडे़गा।
जनपद में दो राजकीय, दो एडेड और लगभग दस सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। जिनमेें चार राजकीय और एडेड कॉलेजों में यूजी ट्रेडिशनल और कॉमर्स सेल्फ फाइनेंस में केवल 2200 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि दस सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में लगभग 2300 सीटें उपलब्ध हैं। इस तरह केवल 5500 सीटें हैं। वहीं, यूजी ट्रेडिशनल कोर्स बीए, बीएससी, बीएससी कृषि, बीकॉम में 24339 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। जिसके चलते जनपद में चार कॉलेजों में मौजूद 2200 सीटों को छोड़कर बचे हुए 22 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को महंगी फीस की मार झेलने के साथ साथ अन्य जनपदों के कॉलेजों की ओर या प्राइवेट फार्म भरने की ओर रुख करना पडे़गा। राजकीय, एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की फीस में पांच से दस गुना तक अंतर है। जिस कारण महंगी फीस की मार झेलनी पडेगी।
-- राजकीय कॉलेजों की फीस
बीए --- 500 से 900
बीकॉम --- 1000
बीएससी --- 500 से 900
---- एडेड कॉलेजों में ली जाने वाली फीस
बीए --- 500 से 900
बीकॉम --- 7500
बीएससी --- 500 से 1200
बीएससी कृषि --- 2600 प्रति वर्ष
----- सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ली जाने वाली फीस
बीए ---- 7500 से 10000
बीएससी ---- 10000 से 15000
बीकॉम ---- 10000 से 12000