कस्बे के सलेमपुर रोड पर मदरसा दारूल उलूम उस्मानिया में एक दिवसीय सालाना जलसे का आयोजन किया। जलसे में दर्जनों छात्र-छात्राओं की दस्तार बंदी की गई। इस दौरान मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कस्बे के सलेमपुर रोड पर स्थित मदरसा दाल उलूम उस्मानिया में शुक्रवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के उत्तर प्रदेश सदर हजरत मौलाना आकिल साहब ने खिताब करते हुए फरमाया कि सबसे बेहतर इंसान वह है, जो लोगों को इल्म सिखाए। इंसान को हर हाल में इल्म सीखना चाहिए, चाहे इंसान को इल्म हासिल करने के लिए मिश्र तक जाना पड़े। जलसे को खिताब करते हुए हजरत मौलाना मेहराज साहब ने फरमाया कि मुस्लिम समाज के लोगों को अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करानी चाहिए। आवाम के अंदर तालीम की अहमियत नहीं है, जबकि तालीम हासिल करना इस दौर में बहुत जरूरी है। उन्होंने जलसे में शामिल मुस्लिम समाज के लोगों से आपस में प्यार मोहब्बत और भाईचारे से रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में मदरसों में दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी दी जा रही है।
जलसे को मुफ्ती अब्बास, मुफ्ती मुस्तकीम ने खिताब किया। जलसे में 11 छात्राओं और छह छात्रों की दस्तार बंदी की गई। जलसे की सदात मौलाना इमान व निजामत मौलाना नदीम के द्वारा की गई। जलसे में हाफिज इरफान के द्वारा देश में अमनो अमान के लिए दुआ कराई गई। जलसे में मदरसे के मोहतमीम कारी मोहम्मद सुफियान, मौलाना आलिम, मौलाना इसा, कारी जिया, मुफ्ती अकरम, हाफिज इकामुल हसन, सलमान और मोहम्मद अकरम सहित मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।