शामली। अब किसान गन्ना पर्ची में दो से ज्यादा बार तिथि को परिवर्तित नहीं करा सकेंगे। गन्ना पर्ची जारी करने की तिथि से एक माह के भीतर अधिकतम दो बार ही तिथि बदली जा सकेगी। इसके बाद गन्ना पर्ची निरस्त कर दी जाएगी।
यह निर्णय शुक्रवार को शामली शुगर मिल के सभाकक्ष में हुई गन्ना विकास परिषद (सीआईसी) की बैठक में लिया गया। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती की अध्यक्षता में हुई बैठक में गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा में पाया गया कि शामली चीनी मिल शामली ने एक फरवरी से 14 दिन पूर्व तक 162 करोड़ 98 लाख में से 71 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया है, जो 43.81 प्रतिशत है। चीनी मिल थानाभवन ने 197 करोड़ 07 लाख रुपये के सापेक्ष 90 करोड़ चार लाख रुपये का भुगतान ( 45.29 प्रतिशत) किया है, जबकि चीनी मिल ऊन द्वारा 105 करोड़ 49 लाख रुपये के सापेक्ष 54 करोड़ 96 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया है। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने कहा कि शेष गन्ना मूल्य भुगतान तेजी से कराया जाए। भुगतान में देरी करने पर ढुलाई भाड़ा नहीं काटा जाएगा।
साथ ही निर्णय लिया गया कि गन्ना पर्ची पर समय से गन्ना सप्लाई नहीं करने पर कृषक को जारी सप्लाई टिकट की तिथि से अधिकतम दो बार ही तिथि का परिवर्तन किया जाएगा। एक माह उपरांत पर्ची निरस्त कर दी जाएगी। किसानों से अपील की गई है कि पर्ची की तिथि के अनुसार समय से गन्ना सप्लाई करें।
वहीं, चीनी मिल प्रबंधनों को निर्देश दिया गया कि गन्ना समिति द्वारा बनाए गए नए सदस्यों एवं शून्य बेसिक कोटा वाले कृषकों का गन्ना इंडेंट तत्काल जारी किया जाए। गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकने के संबंध में समस्त सचिव एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निरीक्षण करने और टैगिंग आदेश का पालन करने के लिए कहा गया। इस दौरान गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष वीर सिंह मलिक, गन्ना सहकारी समिति के चेयरमैन प्रति निधि विनोद मलिक, शुगर मिल शामली के जीएम डाक्टर कुलदीप पिलानिया सहित विभिन्न अधिकारी भी मौजूद रहे।