शामली। शुक्रवार को नगर पालिका की वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बोर्ड बैठक में मार्च व अप्रैल 2026 में पालिका की आय 12,26, 71,797 रुपये और व्यय 8,45,260 रुपये का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। इसके अलावा स्वकर निर्धारण प्रणाली में अगले पांच माह तक टैक्स में 10 प्रतिशत छूट जारी रखने और अगले सात माह तक टैक्स पर अधिभार न लगाने का प्रस्ताव पास हुआ।
पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने बताया कि 26 मार्च को हुई बोर्ड बैठक में स्वकर निर्धारण प्रणाली के संशोधन प्रस्ताव को पास किया गया था। इस प्रस्ताव की पुन पुष्टि करते हुए नई कर व्यवस्था के अंतर्गत बिल बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। साथ ही कर अधीक्षक योगेश कुमार एवं राजस्व निरीक्षक चंद्रकिशोर पटेल को नई व्यवस्था के अनुसार टैक्स के बिल बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि शहर के वार्डों को श्रेणी अ व श्रेणी ब में विभाजित किया गया है और वार्डों को भी सड़कों के अनुसार चार भागों में विभाजित कर टैक्स की दरें निर्धारित की गई है। अब नई व्यवस्था से ही नए बिल बनाने और किसी पर भी कोई अधिभार नहीं लगाने के निर्देश दिए गए। समय पर टैक्स का भुगतान करने पर प्रोत्साहन के रूप में दी जाने वाली छूट को पांच माह तक जारी रखने का प्रस्ताव पारित हुआ।
इसके अलावा सभासदों द्वारा दिए गए विकास कार्य संबंधी प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हुए। बैठक में 30 सभासदों में तीन नामित समेत 25 मौजूद रहे। संचालन पालिका के ईओ विनोद सोलंकी ने किया।
सभासदों और पालिकाध्यक्ष में हुई नोकझोंक
शामली। नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक में महिला सभासदों के पति की मौजूद रहने को लेकर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल और सभासदों के बीच जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ। पालिकाध्यक्ष ने शासनादेश का हवाला दिया, वहीं सभासदों ने नियम विरुद्ध बताते हुए पालिकाध्यक्ष पर अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। सभासदों ने कहा कि इस मामले की शिकायत डीएम से की जाएगी।
शुक्रवार पूर्वाह्न 11.15 बजे पालिका सभागार में बोर्ड बैठक शुरू हुई। बोर्ड बैठक के शुरू में ही सभासद अनिल उपाध्याय व निशिकांत संगल ने महिला सभासदों के पतियों के मौजूद रहने को नियम विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई। इस पर पालिकाध्यक्ष ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि पालिकाध्यक्ष को अधिकार है कि वह बोर्ड बैठक में किसी को भी बुला सकते हैं। साथ ही चेतावनी दी कि बोर्ड बैठक में व्यवधान करने वाले सभासदों को तीन बार चेतावनी देने के बाद वे बैठक से बाहर निकाल सकते हैं। इसे लेकर सभासदों व पालिकाध्यक्ष के बीच जमकर नोकझोंक व हंगामा हुआ। हंगामे के दौरान पालिकाध्यक्ष ने सभासदों को दो बार चेतावनी भी दी, लेकिन सभासद अपनी बात पर अड़े रहे।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि बोर्ड बैठक में व्यवधान करने की शिकायत शासन को भेजी जाएगी। सभासदों ने पालिकाध्यक्ष से कहा कि उनके साथ इस तरह की धमकी वाली भाषा का इस्तेमाल न किया जाए और वे किसी भी दबाव में आने वाले नहीं है। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि सभासदों को पालिकाध्यक्ष का जनहित में सहयोग करना चाहिए। सभासदों ने कहा कि वे शहर के विकास कार्यों में सहयोग करते रहे हैं और करेंगे, लेकिन अगर कहीं भ्रष्टाचार होगा तो उसका खुलकर विरोध किया जाएगा। करीब 20 मिनट तक बैठक में शोर शराबा व हंगामा चलता रहा। इसके बाद बोर्ड बैठक की कार्रवाई शुरू हुई।
नगरपालिका शामली की बोर्ड बैठक में पालिकाध्यक्ष व सभासदों के बीच होती नोकझोंक। संवाद