कांधला क्षेत्र के सुन्ना गांव में सोमवार देर रात खेलते समय बच्चों के बीच हुए विवाद में बड़े कूद गए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में राजमिस्त्री अफसरून की मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित पक्ष ने पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा।
विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
सुन्ना गांव निवासी अफसरून (40) का बेटा 4 वर्षीय अलाइक और पड़ोस के ही आशु का बेटा सोनू गली में खेल रहे थे। शाम करीब पांच बजे खेल के दौरान दोनों बच्चे आपस में झगड़ा करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों की महिलाएं भी आमने-सामने आ गईं। उस समय ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझकर मामला शांत कर दिया। आरोप है कि देर रात करीब नौ बजे फिर से विपक्षियों ने अफसरून पर घर के बाहर ही लाठी डंडों से हमला बोल दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस।
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लाठी डंडों से हमले और पिटाई के बाद अफसरून की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई गयूर ने आरोप लगाया कि महिला समेत पांच लोगों ने उसे मौत के घाट उतारा है । मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के भाई ने पांच को नामजद करते हुए तहरीर दी है। एसपी रामस्वरूप गौतम का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की लाई जाएगी।
अब कौन करेगा सात बच्चों की परवरिश
अफसरून के परिवार में पत्नी साजो के अलावा पांच बेटियां और दो बेटे हैं। अफसरून राजमिस्त्री था, जो परिवार का पालन पोषण कर रहा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अफसरून के एक भाई नवाब की भी पूर्व में मौत हो चुकी है।