फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मित्रों से मिलाने...हंसाने और रुलाने के साथ रोजगार भी दिला रही सोशल मीडिया

विज्ञापन
हर्षित त्रिवेदी - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। हर हाथ में मोबाइल है, उसमें इंटरनेट डाटा है। इसलिए लोग पूरे दिन में किसी न किसी बहाने से सोशल मीडिया से जुड़े हैं। सोशल मीडिया न केवल दोस्तों से मिलने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि रोजगार दिलाने व एक-दूसरे की मदद का सशक्त माध्यम बन चुका है। जिले में फेसबुक पर तमाम ऐसे पेज संचालित किए जा रहे, जहां पर लोगों को मस्ती का माहौल मिल रहा। साथ ही साइकिल से लेकर मकान और दुकान तक खरीदी और बेची जा रही है। पेज के जरिये छोटी से लेकर बड़ी खबरों तक से हर व्यक्ति अपडेट हो रहा।
विज्ञापन

शाहजहांपुर समस्या और समाधान पेज की चर्चा
-शाहजहांपुर समस्या और समाधान फेसबुक पेज इन दिनों काफी चर्चा में है। इस पेज के 31 के (हजार) सदस्य हैं। इसके जरिये लोग रोजगार तक पा रहे हैं। कर्मचारी की जरूरत होने पर लोग पेज पर मेसेज डालते हैं। उसके बाद कमेंट के जरिये सीधे जुड़कर लोग नौकरी पा रहे हैं। साइकिल, लैपटॉप, बाइक, कार, मकान, दुकान, मोबाइल की खरीद बिक्री भी पेज के जरिये हो रही है।
सिटीजन ग्रुप पर जानकारियों की भरमार
-शाहजहांपुर सिटीजन ग्रुप जिले में सबसे ज्यादा चर्चित है। पेज के एडमिन एसएस कॉलेज के शिक्षक डॉ. विकास खुराना हैं। इसके कई पेज का संचालन होता है। किसी की बड़ी उपलब्धि, जिले के इतिहास, महत्वपूर्ण जगहों के बारे में पेज पर जानकारियों की भरमार है। इस पेज पर बड़े पैमाने पर लोग जुड़े हैं। विकास खुराना पेज पर लगातार सक्रिय रहने के कारण यहां महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हैं।
विज्ञापन

शाहजहांपुर की बातें पर खबरें होती हैं पोस्ट
डायरी और शाहजहांपुर की बातें पेज भी लोगों की पसंद बन गया है। शाहजहांपुर की बातें पेज पर अखबारों की खबरों को पोस्ट किया जाता है। वहीं डायरी पर हंसाने के लिए चुटकुले और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हर्षित त्रिवेदी
युवा हर्षित त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने 2014 में बीटेक किया। उसके बाद उनकी रुचि सोशल मीडिया के लिए जागी। उन्होंने सोशल मीडिया को कमाई का जरिया बनाने का मन बना लिया। इसके लिए सोशल मीडिया पर मार्केटिंग तथा मैनेजमेंट को सीखना शुरू किया। उन्हें भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ में काम किया। इसी बीच 2017 के चुनाव में ई-डिस्ट्रिक मेंबर बनाया गया। उसके साथ सोशल मीडिया पर काम करते रहे और इलेक्शन मैनेजमेंट का काम भी सीख गया। फिर निजी रूप कार्य शुरू किया और टीम को तैयार किया। इसके लिए उनको अच्छा खासा पैकेज मिल जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें