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जमीन के विवाद में युवक की भाला घोंपकर हत्या

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साहब सिंह। फाइल फोटो - फोटो : POWAYAN
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बंडा (शाहजहांपुर)। बंडा के गांव बरीबरा में जमीन के विवाद में 45 वर्षीय साहब सिंह की भाला घोंपकर हत्या कर दी गई। साहब सिंह की पत्नी गुरमीत कौर और छोटे भाई की पत्नी मंदीप कौर भी डंडे और भाला लगने से घायल हुई हैं। हत्या के बाद आरोपी भाग निकले। युवक की हत्या के दौरान का वीडियो भी वायरल हो रहा है। दो बार तहरीर देने के बाद भी पुलिस मामले को हलके में लेती रही और युवक की जान चली गई।
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बरीबरा निवासी अजमेर सिंह के खेत के पास ही उनके चचेरे भाइयों निर्मल सिंह और मुनेंद्र सिंह के भी खेत हैं। अजमेर सिंह के एक एकड़ खेत पर चचेरे भाई दावा कर रहे थे। पांच वर्ष पूर्व अजमेर सिंह की मौत होने के बाद उनकी पत्नी मंदीप कौर और निर्मल सिंह आदि में विवाद बढ़ गया। इस वर्ष मंदीप कौर ने गन्ने की फसल तैयार की थी। शनिवार सुबह मंदीप कौर ने गन्ने की छिलाई शुरू कराई तो निर्मल सिंह, मुनेंद्र सिंह और उनके घर की महिलाएं खेत पर आ गईं और श्रमिकों से गाली-गलौज कर भाग जाने को कहा। विरोध करने पर मंदीप कौर की पिटाई कर दी, लेकिन मंदीप कौर और श्रमिक खेत से नहीं हटे। इस पर निर्मल आदि घर जाकर भाला, तलवार, डंडे लेकर फिर खेत पहुंच गए। सूचना पाकर मंदीप कौर का जेठ साहब सिंह भी पहुंच गया और बीच बचाव का प्रयास किया। आरोपियों ने मंदीप कौर, साहब सिंह और साहब सिंह की पत्नी गुरमीत कौर को पीटना शुरू कर दिया। साहब सिंह लहूलुहान होकर गिरा तो आरोपियों ने भाले से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। मंदीप कौर के पुत्र ने घटना की वीडियो बनाई थी। आरोपी मोबाइल भी छीन ले गए हैं।
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पुलिस ने दिया होता ध्यान तो बच जाती जान
बंडा। साहब सिंह की हत्या के मामले में बंडा पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। पुलिस पीड़िता मंदीप कौर की शिकायतों पर ध्यान देकर आरोपियों पर समय से कार्रवाई करती तो बड़ी घटना को टाला जा सकता था।
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अजमेर सिंह की मौत के बाद निर्मल सिंह और मुनेंद्र सिंह उनकी जमीन को अपनी बताते हुए मंदीप कौर का उत्पीड़न करने लगे। छह जुलाई, 2021 को निर्मल सिंह आदि ने मंदीप कौर की पिटाई की थी। तहरीर के बाद भी पुलिस चुप्पी साधे रही और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। परेशान मंदीप कौर ने कोर्ट की शरण की और कोर्ट ने बंडा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए थे। फिर भी पुलिस निर्मल सिंह आदि पर कार्रवाई न कर मामले को झूठा बताते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
15 दिन पूर्व मंदीप कौर ने गन्ने की छिलाई के लिए श्रमिकों को बुलाया तो निर्मल सिंह आदि ने श्रमिकों को भगा दिया था। सूचना दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की गई। आठ दिन पहले भी श्रमिकों को भगा दिया गया। फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मंदीप कौर ने शनिवार को जनपद पीलीभीत के थाना बिलसंडा के गांव हमूपुरा से श्रमिक बुलाए थे। निर्मल सिंह, मुनेंद्र सिंह और उनके घर की महिलाओं ने श्रमिकों से गाली गलौज की और मंदीप कौर को पीटा गया। बीचबचाव करने गए साहब सिंह की हत्या कर दी गई।
गुजरात में मजदूरी करते थे साहब सिंह
साहब सिंह चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई अजमेर सिंह की मौत हो चुकी है। साहब सिंह गुजरात में मजदूरी करते थे और पत्नी की बीमारी की सूचना पर शुक्रवार शाम ही घर लौटे थे। साहब सिंह के एक भाई प्रगट सिंह पीलीभीत के गुरुद्वारे में ग्रंथी हैं और एक भाई गुरदेव सिंह मस्कट में रहते हैं। चार बच्चे हैं। पुत्री पवनदीप कौर की शादी हो चुकी है। पुत्र 18 वर्षीय गुरपेज सिंह, 16 वर्षीय अंग्रेज सिंह और आठ वर्षीय पुत्री हरजीत कौर का पिता की मौत से रो रोकर बुरा हाल है।
थाना प्रभारी बोले, पुरानी घटना से क्या लेना देना
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि 12 दिन पहले कोई तहरीर नहीं दी गई थी। जुलाई में झूठा आरोप लगाकर तहरीर दी गई थी। मामला झूठा था और उस घटना का आज की घटना से क्या लेना देना है। कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज की गई रिपोर्ट के बारे में बताया कि झूठा आरोप लगाने के कारण फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी।
मंदीप कौर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
बंडा। मंदीप कौर ने पुलिस को बताया कि उसके और उसके जेठ की जमीन को लेकर गांव के निर्मल सिंह, मुनेंद्रपाल सिंह आदि से रंजिश चल रही है। शनिवार सुबह दस बजे वह जेठानी साहब सिंह की पत्नी गुरमीत कौर के साथ गांव के उत्तर गई थीं। वहां खेत पर निर्मल सिंह, मुनेंद्रपाल सिंह और निर्मल सिंह की पत्नी पलविंदर कौर आकर गुरमीत कौर को पीटने लगे। शोर सुनकर जेठ साहब सिंह बचाने आए तो उनको भी पीटा गया और निर्मल सिंह ने भाला मारकर जेठ की हत्या कर दी। उसे भी चोटें आई हैं। सीओ बीएस वीरकुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही आरोपी जेल भेजे जाएंगे।
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