शाहजहांपुर। मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव साहमपुर निवासी सुदेश सिंह उर्फ बंटू (26) की हमलावरों ने लाठी से पीटकर हत्या कर दी। उसने जानवरों को हांक कर अपने खेत में घुसाने का विरोध किया था। इसके बाद मदनापुर के उस्मानपुर टिसुई गांव के चार लोगों ने उसे पीटकर बेदम कर दिया। सिर में डंडा लगने से उसकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
सुदेश सिंह उर्फ बंटू का गांव से कुछ दूरी पर खेत है। रविवार शाम को साढ़े पांच बजे वह गेहूं की फसल की सिंचाई कर रहा था। मदनापुर के उस्मानपुर टिसुई में नहर की पुलिया के पास पवन मिश्रा, चमन मिश्रा, रामा आसरे मिश्रा और अशोक मिश्रा सड़क पर बैठकर खेतों की रखवाली कर रहे थे। तभी उनकी नजर मवेशियों के झुंड पर पड़ी। चारों ने अपने खेतों में मवेशियों को जाने से रोकने के लिए घेराबंदी की और हांक कर बंटू के खेत की ओर कर दिया। बंटू की फसल में मवेशियों के घुसने पर उसने विरोध किया।
आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए बंटू को पीट दिया। परिजन के मुताबिक, अशोक, चमन और रामाआसरे ने सुदेश के हाथ पकड़ लिए और पवन ने उसके सिर पर डंडा मार दिया। इसके बाद आरोपी भाग गए। मारपीट होते हुए देखकर बंटू का भाई अनुज भदौरिया घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। मरणासन्न बंटू को तिलहर सीएचसी ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची मदनापुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के भाई अनुज सिंह की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज ली है।
-मदनापुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दो आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया। शेष की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। - संजय कुमार, एसपी सिटी
पत्नी से कहा था- खाना बनाकर रखना, खेत से जल्द लौट आएंगे
सुदेश सिंह उर्फ बंटू ने रविवार शाम को पत्नी सोनी से आलू की सब्जी बनाने को कहा था। इसके बाद उसने फावड़ा उठाया ओर खेत की ओर चल दिया। दरवाजे पर पहुंचकर सुदेश ने बोला कि खाना बनाकर रखना। वह खेत से जल्दी लौट आएगा। लेकिन, सुदेश के बजाय उसकी मौत की खबर आई तो पत्नी सोनी दहाड़ मारकर रो पड़ी। तीनों बच्चों को गले लगा कर बिलखने लगी।
छुट्टा जानवर बन रहे झगड़े की वजह
जनपद में छुट्टा जानवर एक बड़ी समस्या बन गए हैं। जानवरों के फसल चरने की वजह से किसानों को कड़ाके की सर्दी में रात खेत पर बितानी पड़ी। गोवंश के लिए गोशाला की व्यवस्था न होने के कारण किसानों को काफी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है। यह सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि हर जगह पर किसान बहुत परेशान हैं। छुट्टा जानवर खेत चरने के साथ ही झगड़े और हादसे की वजह बन रहे हैं।
मीरानपुर कटरा के बॉर्डर पर बसे साहमपुर गांव और मदनापुर के उस्मानपुर टिसुई में बड़े पैमाने पर छुट्टा जानवरों की समस्या है। दोनों ही गांव में ऐसे जानवरों की संख्या काफी ज्यादा है। रात में फसल की रखवाली करते समय दोनों गांव के किसान एक-दूसरे की तरफ जानवरों को हांक देते हैं। इसके चलते कई बार विवाद की स्थिति भी बन चुकी है। ज्यादातर छोटे विवाद पुलिस तक नहीं पहुंचते हैं। रविवार शाम को छुट्टा जानवर की वजह से हुए विवाद के चलते सुदेश की जान चली गई।
परिवार का मुखिया था सुदेश
गांव साहमपुर निवासी गंगाबक्श की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उसके एक साल बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया था। माता-पिता की मौत के बाद सुदेश ही परिवार का मुखिया था। पिता की 12 बीघा जमीन को सुदेश व छोटा भाई अनुज भदौरिया मिलकर जोतते थे। यह जमीन ही उनकी रोजी-रोटी का जरिया थी। सुदेश के चाचा ग्राम प्रधान अरेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि वह काफी सरल स्वभाव का था। किसी से लड़ता-झगड़ता नहीं था। सुदेश की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है।
पत्नी के नहीं रुक रहे आंसू, रोते-रोते हो गई बेहोश
सुदेश की गृहस्थी अभी कच्ची थी। दस साल पहले ही उसकी शादी सोनी देवी के साथ हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही बाद माता-पिता की मौत हो गई। इसके बाद पूरे परिवार को सुदेश ने अच्छे से संभाल रखा था। छोटे भाई अनुज भदौरिया भी उसी के साथ रहता था। सुदेश के आठ साल की बेटी प्रियंका, पांच वर्षीय बेटा शाहिद और सबसे छोटी तीन साल की बेटी लवी है। सुदेश की मौत के बाद पत्नी सोनी के आंसू नहीं थम रहे। वह रोते-रोते कई बार बेहोश हो गई।
रोते बिलखते मृतक सुदेश के परिजन । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR