नवरात्र पर मोहल्ला हुंडालखेल स्थित देवी मंदिर में भजन-कीर्तन करतीं महिलाएं। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की आराधना की गई। देवी मंदिरों में भजन-कीर्तन हुए। हे नाम रे, सबसे बड़ा तेरा नाम... चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है..., दुर्गा है मेरी मां, अम्बे है मेरी मां..., तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये... आदि भजनों पर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। सुबह से शाम तक देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। भक्तों ने मातारानी के दर्शन कर मन्नत मांगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दुर्गा मां के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही सुख समृद्धि में भी वृद्धि होती है। पुराणों के अनुसार, देवी कात्यायनी ऋषि कात्यायन की पुत्री थीं। इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा।
एक अन्य मान्यता यह भी है कि गोपियों ने श्रीकृष्ण की प्राप्ति के लिए मां कात्यायनी की आराधना की थी। भक्तों ने मंडी स्थित दुर्गा मंदिर में मातारानी के दर्शन कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। पंडित अरुण कुमार शास्त्री ने भक्तों को तिलक लगाकर व माता की चुन्नी पहनाई। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल व उनकी पत्नी ने भी माता के दर्शन किए और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
दुर्गा मंदिर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सेठ, पंडित रामसेवक, नवजोत सिंह, फूलचंद आदि मौजूद रहे। श्री रुद्र बाला जी धाम पर माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। शाम को भजन-कीर्तन हुए। महिलाओं ने ढोलक की थाप पर माता की प्रशंसा में छंद गाकर प्रसन्न किया। वहीं, मोहल्ला हुंडाल खेल स्थित काली माता मंदिर में भजन-कीर्तन हुए।
नवरात्र पर मोहल्ला हुंडालखेल स्थित देवी मंदिर में भजन-कीर्तन करतीं महिलाएं। स्रोत: आयोजक