प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि मेहनत और नेकी से छात्र-छात्राएं अपने जीवन की बगिया को सवारें।
श्री अग्रवाल रेनेसां एकेडमी के वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में शार्ट कट न अपना कर जीवन के मूल्यों को समझें और गुरुजनों की शिक्षा को अंगीकृत कर लक्ष्य को प्राप्त करें।
विशिष्ट अतिथि इंजीनियर नरेंद्र नाथ अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय एक मंदिर है और गुरुजन उसके देवता गुरुजनों की शिक्षा को देव वाणी मानकर जीवन में उतारें। कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने जहां सामूहिक नृत्य के माध्यम से संपूर्ण भारतीय संस्कृति की मनोरम छटा प्रस्तुत की। वहीं दूसरी ओर बच्चों ने पत्थर की सिलों तथा दर्जनों बंधी हुई ट्यूब लाइटों को एक झटके में अपने हाथों से तोड़कर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने के लिये मजबूर कर दिया। इस दौरान सत्य भामा अग्रवाल द्वारा 12 छात्र-छात्राओं को आकांक्षा छात्रवृति तथा डा. आलोक अग्रवाल द्वारा हरीश चंद्र स्मारक ट्राफी स्प्रिट आफ रेनेसां खिताब के साथ प्रदान की गई। इस दौरान विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन इंद्रजीत कौर ने किया। आभार प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने जताया। कार्यक्रम में सिविल जज तिलहर राकेश कुमार, प्रबंध समिति के अशोक अग्रवाल, विजय अग्रवाल, सर्वेश कुमार, रीता, मंजुला, हितु मिश्रा, रिचा भारद्वाज, राजेश मिश्रा, डा. प्रमोद मिश्रा, मोहित, अभिषेक, जगदीश तिवारी आदि मौजूद रहे।